Tuesday, July 10, 2018

ओलंपिक का इतिहास


खेल मनुष्य के जीवन का एक बहोत महत्वपूर्ण भाग माना जाता है| हाँ यह दूसरी बात है कि किसी व्यक्ति अपने नित्य क्रम में उसे उतारे| कोई अपने आनंद प्रमोद के लिए, तो कोई अपने शरीर कि सर्वश्रेष्ठ बनाए रखने के लिए खेलता है, तो कोई अपने देश कि प्रतिष्ठा के लिए खेल को अपनी कारकिर्दी बनाता है|

अगर हम भूतकाल को देखे तो हजारो साल पहले मनुष्य जब सक्रांति और विकास कि स्थिति से बहुत दूर था; तब उस समय भी एथेंस खाते ओलंपिक का खेल खेला जाता था| आधुनिक ओलंपिक खेल की उत्पत्ति प्राचीन ओलंपिक खेलो से जुडी हुई है| यदि संक्षेप में कहे तो जो प्राचीन ओलंपिक खेल अस्तित्व में नही होता तो शायद आज आधुनिक ओलंपिक भी नहीं होती|



ओलंपिक का इतिहास करीब 2800 वर्ष से भी पुराना है| इस रमतोत्सव की शरुआत .. पूर्वे 776 में ग्रीस के प्राचीन देवता 'जीयस' के सम्मान हुई| .. पूर्वे 394 तक प्रत्येक 4 वर्ष इस रमतोत्सव का आयोजन होता था; पर इसके बाद रोम के राजवी थियोडोसियसे इस पर प्रतिबंध मूक दिया| इसके बाद करीब 1500 वर्ष तक यह खेलोत्सव बंध रहा|

यह खेलोत्सव को पुन: प्रारंभ करने का श्रेय फ़्रांस के बैरोन पियरे डी कुबर्तिन को जाता है| .. 1875 में सबसे पहला ओलम्पिया स्टेडियम की खोज हुई| कुबर्तिन के प्रयास से ग्रीस की राजधानी एथेंस में .. 1896 में प्रथम बार आधुनिक ओलंपिक खेल का आयोजन किया गया| शुरू में तो इस में सिर्फ पुरुषो ही भाग लेते थे; पर .. 1900 से स्त्री भी इस में भाग लेने लगी|

ओस्ट्रेलिया, फ़्रांस, ग्रेट ब्रिटन, ग्रीस और स्विट्जरलैंड यह ऐसे पांच देश है जो अब तक खेली गई हर ओलंपिक खेल में भाग लिया हो| और अब तक खेली गई हर ओलंपिक खेल में सुवर्णचंद्रक प्राप्त हुआ हो ऐसा विश्व का एक मात्र देश ब्रिटेन है|

International Olympic Committee, ओलंपिक खेलोत्सव का संचालन करती संस्था है| इस में 1 अध्यक्ष, 3 उपाध्यक्ष और 7 अन्य सभ्य होते है| इसका कार्यकाल 4 वर्ष का होता है| यह संस्था ओलंपिक खेल का आयोजन स्थल, नियम, संचालन जैसी चीजों को निर्धारित करती है|


इस खेल के लिए सबसे पहला ध्वज कुबर्तिने 1913 में निर्मित किया था| इस की लम्बाई 3 फीट और उसकी चौड़ाई 2 फीट है| 2.06 मीटर * 6 से.मी. की एक दुसरे के साथ विलय हो गई हो ऐसी पांच रिंग इस ध्वज का प्रतिक है; जो विश्व के पांच महत्वपूर्ण देशों का प्रतिनिधित्व करती है|
एशिया - पीला रंग
यूरोप - नीला रंग
अफ्रीका - काला रंग
अमेरिका - लाल रंग
ऑस्ट्रेलिया - हरा रंग

यह रमतोत्सव का मुख्य उदेश्य विश्व के सभी लोगों को एक मंच पर इकठा कर के विश्वोत्सव मनाना है| इसका मुद्रालेख वाक्य सैटिटस, एल्तिस और फोर्टियस है अर्थात अधिक तेजी से, अधिक ऊँचे और ताकात से|




Friday, July 6, 2018

उम्मेद भवन पैलेस - जोधपुर


भारत के राजस्थान राज्य के जोधपुर जिले में स्थित उम्मेद भवन पैलेस दुनिया के सबसे बड़े निजी घरो में से एक है| महल के एक हिस्से को होटल में परिवर्तित कर दिया गया है, जो ताज होटल का ही एक अंग है| इस महल का नाम महाराजा उम्मेद सिंह के नाम पर से रखा गया है| इस महल में ३४७ कमरे है| इस महल के निर्माण दौरान यह भवन चित्तर पैलेस के नाम से जाना जाता था, क्योकि इस इमारत के निर्माण में चित्तर नाम के पत्थरों का उपयोग हुआ था| अकाल के समय दौरान हजारो लोगों के लिए रोजगार उपलब्ध कराने के लिए बनाया गया था, जिसका निर्माण कार्य १९४३ में पूर्ण हुआ था|


अत्याधुनिक सुविधाओं से सुस्सजित इस होटल में रहना सही अर्थो में एक शाही अनुभव है| यहाँ मेहमान सबरे की नींद खुलने पर पास के उद्यान में मोर को नाचते देख सकते है| यहाँ का डाइनिंग का अनुभव अविस्मरणीय होता है| बेहद सलीके वाले रेस्तरां, आकर्षक लाउंज और अनूठे भोजन के अनुभव आपके मन और आत्मा को तृप्त कर देता है|


वर्तमान में उम्मेद भवन पैलेस का मालिक गज सिंह है| इस पैलेस के तीन भाग है, एक लग्जरी ताज होटल, दूसरा शाही परिवार के लिए तथा तीसरा एक संग्रहालय है|

संग्रहालय खुलने का समय: सुबह ९ बजे से शाम ५ तक