Wednesday, June 20, 2018

अमेरिकन के गाँधी : डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर

हम वह नहीं हैं, जो हमें होना चाहिए और हम वह नहीं हैं, जो होने वाले हैं,
 लेकिन खुदा का शुक्र है कि हम वह भी नहीं हैं, जो हम थे।


अमेरिकन के गाँधी से प्रख्यात डॉ. मार्टिन लूथर किंग जूनियर का जन्म 1929 में अमेरिका के अटलांटा शहर में हुआ| वह एक पादरी, आंदोलनकारी एवं अफ़्रीकी-अमेरिकी नागरिक अधिकारों के संघर्ष के प्रमुख नेता थे| उनके प्रयत्नों के कारण अमेरिका में नागरिक अधिकारों के क्षेत्र में प्रगति हुई| इसी कारण उन्हें आज मानव अधिकारों के प्रतीक के रूप में भी देखा जाता है| दो चर्चो ने तो उन्हें संत के रूप में भी मान्यता प्रदान की है|



1955 में उनका विवाह कोरेटा से हुआ| उनको अमेरिका के दक्षिणी प्रांत अल्बामा के मांटगोमरी शहर में डेक्सटर एवेन्यू बॅपटिस्ट चर्च में प्रवचन देने बुलाया गया और इसी वर्ष मॉटगोमरी की सार्वजनिक बसों में काले-गोरे के भेद के विरुद्ध एक महिला श्रीमती रोज पार्क्स ने गिरफ्तारी दी। बस इसके बाद ही डॉ॰ किंग ने प्रसिद्ध आंदोलन चलाया|

381 दिन तक चलने वाला इस सत्याग्रह के बाद अमेरिकी बसों में काले-गोरे यात्रियों के लिए अलग अलग सीटें रखने का प्रावधान कर दिया| इसके बाद धार्मिक नेताओं के मदद से समान नागरिक कानून आंदोलन अमेरिका के उत्तरी भाग में फ़ैल गया| TIME पत्रिका ने उन्हें 1963 का Man of the year चुना|


किंग गांधीजी के अहिंसक आंदोलन से बेहद प्रभावित थे| वे गांधीजी के आदर्शो पर चलकर अमेरिका में इतना सफल आंदोलन चलाया; जिसे अधिकांश गोरों का समर्थन मिला|


4 अप्रैल 1968 को उनकी 39 वय की उम्र में गोली मारकर हत्या कर दि गई, उस समय वे मेफिस शहर के सफाई कर्मियों के आंदोलन में व्यस्त थे| मृत्यु बाद उनके मूल्यों से अमेरिकी समाज में फैले रंगभेद को उखाड़ फेकने कि एक बड़ी ताकात मिली| जिसके नतीजे ओबामा अमेरिका के प्रथम अश्वेत राष्ट्रपति बन गये|

Tuesday, June 19, 2018

अमृत पय : नारियल पानी

नारियल के बारे में तो आप जानते होंगे; पर क्या आपकों पता है कि हमारे स्वास्थ्य के लिए नारियल पानी पीना कितना जरुरी है| नारियल को सर्वगुण संपन्न माना जाता है ओर सुखा नारियल को पूजा में प्रयोग लाया जाता है| मिष्टान्न में भी उसका भरपूर प्रयोग होता है| कच्चे नारियल का प्रयोग हम शुभ कार्यो के लिए करते है|

नारियल न मात्र हमारी सेहत के लिए अच्छा है बल्कि त्वचा के लिए भी बहोत अच्छा है| नारियल पानी को नियमित पीने से शरीर के टोक्सिन्स बाहर निकलते है; जिससे कई बीमारियाँ दूर रहती है| इसमें विटामिन्स ओर मिनरल्स होने के कारण बालों को भी पोषकता मिलती है|


अगर जो दाग-धब्बों पर नारियल पानी लगाया जाए तो त्वचा में चमक बनी रहती है| ओर नियमित उसके पानी से चेहरा धोया जाए तो त्वचा ग्लो करने लगती है| थोडी सी हल्दी ओर चंदन पाउडर से इसके पानी में बनी पेस्ट चेहरे पर लगाया जाये तो चेहरे की रंगत में निखार आता है|

Expert डोक्टरों का मानना है कि diabetes patient के लिए नारियल पानी बहुत ही लाभदायक है क्योंकि नारियल पानी पीने से blood circulation बढ़ता है| इसलिए diabetes patient को हररोज एक नारियल पानी पीना चाहिए| हमने जैसे बताया कि नारियल पानी blood circulation बढ़ाता है; जिसके कारण high blood pressure को रोकने में काफी मदद मिलते है; जिसके कारण heart attack का खतरा भी बहुत कम हो जाता है| नारियल पानी पीने से हमारे बोड़ी में Metabolism rate increase हो जाता है; जिसके कारण चर्बी कम हो जाती है ओर धीरे धीरे मोटापा दूर हो जाता है|


किसी भी सर्जरी से कम से कम 2 सप्ताह पहले नारियल पानी नही पीना चाहिए क्योंकि यह सर्जरी के बाद रक्तचाप नियंत्रण में समस्या पैदा कर सकता है| नारियल पानी आपके शरीर को ठंडक देता है| इसलिए ठंड से ग्रस्त ओर शीतल प्रकृति वाले लोगों को इसका सेवन नही करना चाहिए| नारियल पानी हमेशा ताजा ही पीना चाहिए|


Wednesday, April 18, 2018

हिंन्दी साहित्य में भक्ति काल के प्रसिद्ध कवि :- सूरदास

सूरदास हिन्दी साहित्य में भक्तिकाल में कृष्ण भक्ति के भक्त कवियों में अग्रणी है। महाकवि सूरदास जी वात्सल्य रस के सम्राट माने जाते हैं। उन्होंने श्रृंगार और शान्त रसों का भी बड़ा मर्मस्पर्शी वर्णन किया है। उनका जन्म मथुरा-आगरा मार्ग पर स्थित रुनकता नामक गांव में हुआ था। कुछ लोगों का कहना है कि सूरदास जी का जन्म सीही नामक ग्राम में एक निर्धन सारस्वत ब्राह्मण परिवार में हुआ था। बाद में वह आगरा और मथुरा के बीच गऊघाट पर आकर रहने लगे थे। आचार्य रामचन्द्र शुक्ल जी के मतानुसार सूरदास का जन्म संवत् 1540 विक्रमी के सन्निकट और मृत्यु संवत् 1620 विक्रमी के आसपास मानी जाती है। सूरदास जी के पिता रामदास गायक थे। सूरदास जी के जन्मांध होने के विषय में भी मतभेद हैं। आगरा के समीप गऊघाट पर उनकी भेंट वल्लभाचार्य से हुई और वे उनके शिष्य बन गए। वल्लभाचार्य ने उनको पुष्टिमार्ग में दीक्षा दे कर कृष्णलीला के पद गाने का आदेश दिया। सूरदास जी अष्टछाप कवियों में एक थे। सूरदास जी की मृत्यु गोवर्धन के पास पारसौली ग्राम में 1563 ईस्वी में हुई।

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सूरदास के बारे में 'भक्तमाल' और 'चौरासी वैष्णवन की वार्ता' में थोड़ी-बहुत जानकारी मिल जाती है। आईना-ए-अकबरी' और 'मुंशियात अब्बुल फ़ज़ल' में भी किसी संत सूरदास का उल्लेख है, किन्तु वे काशी (वर्तमान बनारस) के कोई और सूरदास प्रतीत होते हैं। जनुश्रुति यह अवश्य है कि अकबर बादशाह सूरदास का यश सुनकर उनसे मिलने आए थे। 'भक्तमाल' में सूरदास की भक्ति, कविता एवं गुणों की प्रशंसा है तथा उनकी अंधता का उल्लेख है। 'चौरासी वैष्णवन की वार्ता' के अनुसार सूरदास आगरा और मथुरा के बीच साधु के रूप में रहते थे। वे वल्लभाचार्य के दर्शन को गए और उनसे लीला गान का उपदेश पाकर कृष्ण के चरित विषयक पदों की रचना करने लगे। कालांतर में श्रीनाथ जी के मंदिर का निर्माण होने पर महाप्रभु वल्लभाचार्य ने उन्हें यहाँ कीर्तन का कार्य सौंपा।
सूरदास का जन्म कब हुआ, इस विषय में पहले उनकी तथाकथित रचनाओं, 'साहित्य लहरी' और 'सूरसारावली' के आधार पर अनुमान लगाया गया था और अनेक वर्षों तक यह दोहराया जाता रहा कि उनका जन्म संवत 1540 विक्रमी (सन 1483 ई.) में हुआ था, परन्तु विद्वानों ने इस अनुमान के आधार को पूर्ण रूप में अप्रमाणिक सिद्ध कर दिया तथा पुष्टिमार्ग में प्रचलित इस अनुश्रुति के आधार पर कि सूरदास श्री मद्वल्लभाचार्य से 10 दिन छोटे थे, यह निश्चित किया कि सूरदास का जन्म वैशाख शुक्ल पक्ष पंचमी, संवत 1535 वि. (सन 1478 ई.) को हुआ था। इस साम्प्रदायिक जनुश्रुति को प्रकाश में लाने तथा उसे अन्य प्रमाणों में पुष्ट करने का श्रेय डॉ. दीनदयाल गुप्त को है। जब तक इस विषय में कोई अन्यथा प्रमाण न मिले, हम सूरदास की जन्म-तिथि को यही मान सकते हैं।
सूरदास की जाति के सम्बन्ध में भी बहुत वाद-विवाद हुआ है। 'साहित्य लहरी' के उपर्युक्त पद के अनुसार कुछ समय तक सूरदास को 'भट्ट' या 'ब्रह्मभट्ट' माना जाता रहा। भारतेन्दु बाबू हरिश्चन्द्र ने इस विषय में प्रसन्नता प्रकट की थी कि सूरदास महाकवि चन्दबरदाई के वंशज थे; किन्तु बाद में अधिकतर पुष्टिमार्गीय स्रोतों के आधार पर यह प्रसिद्ध हुआ कि वे सारस्वत ब्राह्मण थे। बहुत कुछ इसी आधार पर 'साहित्य लहरी' का वंशावली वाला पद अप्रामाणिक माना गया। 'चौरासी वैष्णवन की वार्ता' में मूलत: सूरदास की जाति के विषय में कोई उल्लेख नहीं था, परन्तु गोसाई हरिराय द्वारा बढ़ाये गये 'वार्ता' के अंश में उन्हें सारस्वत ब्राह्मण कहा गया है। उनके सारस्वत ब्राह्मण होने के प्रमाण पुष्टिमार्ग के अन्य वार्ता साहित्य से भी दिये गये है।
सूरदास के पिता रामदास गायक थे। सूरदास के जन्मांध होने के विषय में भी मतभेद हैं। आगरा के समीप गऊघाट पर उनकी भेंट वल्लभाचार्य से हुई और वे उनके शिष्य बन गए। वल्लभाचार्य ने उनको पुष्टिमार्ग में दीक्षा देकर कृष्णलीला के पद गाने का आदेश दिया। सूरदास 'अष्टछाप' के कवियों में से एक थे। सूरदास की मृत्यु गोवर्धन के पास पारसौली ग्राम में 1563 ईस्वी में हुई। उनकी जन्म-तिथि तथा उनके जीवन की कुछ अन्य मुख्य घटनाओं के काल-निर्णय का भी प्रयत्न किया गया है। इस आधार पर कि गऊघाट पर भेंट होने के समय वल्लभाचार्य गद्दी पर विराजमान थे, यह अनुमान किया गया है कि उनका विवाह हो चुका था, क्योंकि ब्रह्मचारी का गद्दी पर बैठना वर्जित है। वल्लभाचार्य का विवाह संवत 1560-61 (सन 1503-1504 ई.) में हुआ था, अत: यह घटना इसके बाद की है। 'वल्लभ दिग्विजय' के अनुसार यह घटना संवत 1567 विक्रमी के (सन 1510 ई.) आसपास की है। इस प्रकार सूरदास 30-32 वर्ष की अवस्था में पुष्टिमार्ग में दीक्षित हुए होंगे।

Friday, March 9, 2018

हिंदी करंट अफेयर्स 1 - 10 मार्च 2018


  1. किस राज्य की महिला टीम ने राष्ट्रीय टेनिश चैम्पियंसशिप 2018 ट्रोफी जीती है?   -     महाराष्ट्र
  2. किस बोलीवुड अभिनेता ने हाल ही में युके में लाइफटाइम अचीवमेंट पुरस्कार जीता है?   -     शत्रुघ्न सिन्हा
  3. नई साप्ताहिक एक्सप्रेस 'विशेष ट्रेन' अरुणाचल प्रदेश के नाहरलागुन रेलवे स्टेशन से किस स्टेशन तक चलेगी?   -     आनंद विहार टर्मिनल
  4. किस दूरसंचार कंपनी ने चंद्रमा पर सबसे पहले 4 जी नेटवर्क उपलब्ध कराने की योजना बनाई है?   -     वोडाफोन
  5. निम्नलिखित में से किन्हें नए आर्मेनियाई राष्ट्रपति के रूप में चुना गया है?   -     आर्मेन सर्किसियन
  6. इण्डिया बाय द नाइल' उत्सव 6 मार्च 2018 से किस देश में शुरू होगा?   -     इजिप्त
  7. किस जिल्ले में महाराष्ट्र के प्रथम मेगा फ़ूड पार्क का उद्घाटन हुआ है?   -     सतारा
  8. अंतर्राष्ट्रीय ओलंपिक समिति ने किस देश की ओलंपिक सदस्यता बहाल कर दी है?   -     रसिया
  9. किस टीम ने विजय हजारे ट्रोफी 2018 जीती है?   -     कर्णाटक
  10. 69वे शंकराचार्य का निधन 28 फ़रवरी 2018 को काँच पीठ में हो गया उनका नाम क्या है?   -     शंकराचार्य जयेंद्र सरस्वती
  11. कृष्णा कुमारी कोहली किस देश की पहली महिला दलित हिन्दू सीनेटर बनी है?   -     पाकिस्तान
  12. बिप्लव कुमार देव किस राज्य के नए मुख्यमंत्री होंगे?   -     त्रिपुरा
  13. किस प्रकार के बेंको के लिए आरबीआई ने प्रायोरिटी सेक्टर लेंडिग के नियमो को कड़ा क्र दिया है?   -     विदेशी बेंक
  14. अमा गाव अमा विकास' कार्यक्रम की शुरुआत किस राज्य की सरकार ने की है?   -     ओड़िसा
  15. निम्नलिखित में से किस देश ने पहेली बार महिला मेराथन की मेजबानी की है?   -     सउदी अरब
  16. मेघालय के नए मुख्यमंत्री निम्नलिखित में से कौन बना है?   -     कोनराड संघमा
  17. हाल ही में किस देश के प्रधानमंत्री ने कहा है कि सऊदी अरब ने एयर इंडिया को अपने हवाई क्षेत्र से उड़ान भरने की इजाजत दे दी है.   -     इजरायल
  18. भारतीय मूल के किस व्यक्ति को मिलेगा 'प्राइड ऑफ बर्मिंघम' का पुरस्कार?   -     हैरी अटवाल
  19. मेक्सिको में आईएसएसएफ़ वर्ल्ड कप में मनु भाकर ने कितने गोल्ड मेडल जीते हैं?   -     2
  20. किस राज्य के प्रतिष्ठित विकलांगता कार्यकर्ता जावेद अबिदी का हाल ही में निधन हो गया?   -     उत्तर प्रदेश
  21. 9 मार्च 2018 त्रिपुरा के मुख्यमंत्री के रूप में शपथ कौन लेंगे?   -     बिप्लव देव
  22. हाल मार्च 201 8 पर किस देश के राष्ट्रपति भारत की यात्रा पर आए है?   -     फ़्रांस
  23. किस कंपनी ने भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान विराट कोहली को अपना ब्रांड एंबेसडर बनाया है?   -     उबर
  24. कानून और न्याय के क्षेत्र में पहली बार नारी शक्ति पुरस्कार किसे मिला है?   -     श्रीमती गीता मित्तल
  25. हाल ही में भारत और किस देश के बीच प्रवासन और गतिशीलता साझेदारी समझौते पर हस्‍ताक्षर को मंजूरी दे दी है?   -     फ़्रांस
  26. अनीता कुंडू और अन्य 34 महिलाओं को कल्पना चावला अवार्ड मिला है। यह अवार्ड किस प्रदेश की सरकार द्वारा दिया जाता है?   -     हरियाणा
  27. हाल ही में एशियाई तीरंदाजी में भारत ने कितने सुवर्ण पदक जीते है?   -     3
  28. नेफ्यू रियो किस राज्य के नई मुख्यमंत्री होगे?   -     नागालेंड
  29. मंत्रिमंडल ने स्वतंत्रता सैनिक सम्मान योजना को कितने वर्ष जारी रखने की मंजूरी दी है?   -     3 वर्ष
  30. हाल ही में किस राज्य की सरकार ने विधुर पेंशन योजना आरंभ किये जाने की घोषणा की है?   -     हरियाणा

Tuesday, February 27, 2018

होली की पौराणिक कथाए



होली के पर्व से अनेक कहानियाँ जुड़ी हुई हैं। इनमें से सबसे प्रसिद्ध कहानी है प्रह्लाद की। 

माना जाता है कि प्राचीन काल में  हिरण्यकशिपु  नाम का एक अत्यंत बलशाली असुर था। अपने बल के दर्प में वह स्वयं को ही ईश्वर मानने लगा था। उसने अपने राज्य में ईश्वर का नाम लेने पर ही पाबंदी लगा दी थी। हिरण्यकशिपु का पुत्र  प्रह्लाद  ईश्वर भक्त था। प्रह्लाद की ईश्वर भक्ति से क्रुद्ध होकर हिरण्यकशिपु ने उसे अनेक कठोर दंड दिए, परंतु उसने ईश्वर की भक्ति का मार्ग न छोड़ा। हिरण्यकशिपु की बहन  होलिका  को वरदान प्राप्त था कि वह आग में भस्म नहीं हो सकती। हिरण्यकशिपु ने आदेश दिया कि होलिका प्रह्लाद को गोद में लेकर आग में बैठे। आग में बैठने पर होलिका तो जल गई, पर प्रह्लाद बच गया। ईश्वर भक्त प्रह्लाद की याद में इस दिन होली जलाई जाती है।

 प्रतीक रूप से यह भी माना जाता है कि प्रह्लाद का अर्थ आनन्द होता है। वैर और उत्पीड़न की प्रतीक होलिका (जलाने की लकड़ी) जलती है और प्रेम तथा उल्लास का प्रतीक प्रह्लाद (आनंद) अक्षुण्ण रहता है।