Wednesday, January 21, 2015

ठाकुर रोशन सिंह




१. ठाकुर रोशन सिंह कौन थे? 
– भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रांतिकारी

२. ठाकुर रोशन सिंह किस कला में माहिर थे? 
- पक्के निशानेबाज थे यहाँ तक कि उडती हुई चिडिया को खेल-खेल में ही मार गिराते थे।

३. कान्तिकारी ठाकुर रोशन सिंह प्रथम किस लिए सजा काटने जेल गए थे? 
- असहयोग आन्दोलन के दौरान उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में हुए गोली-काण्ड में एक पुलिस वाले की रायफल छीनकर जबर्दस्त फायरिंग शुरू कर दी थी

४. ठाकुर रोशन सिंह असहयोग आन्दोलन के दौरान उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में हुए गोली-काण्ड में सजा काटकर आते ही किस संगठन में शामिल हो गये? 
- हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसियेशन

५. हिन्दुस्तान रिपब्लिकन ऐसोसियेशन कैसा संगठन था? 
- भारतीय स्वतन्त्रता के लिए सशस्त्र संघर्ष के माध्यम से ब्रिटिश राज को समाप्त करने के उद्देश्य को लेकर गठित एक क्रान्तिकारी संगठन था।

७. ९ अगस्त १९२५ को घटी काकोरी काण्ड घटना के बाद ठाकुर रोशन सिंह के साथ और कौन तिन साथियों के साथ उन्हें मृत्यु-दण्ड की सजा सुनाई गई? 
- राजेन्द्रनाथ लाहिड़ी, पण्डित राम प्रसाद बिस्मिल, अशफाक उल्ला खाँ

८. काकोरी काण्ड वह कैसी घटना थी? 
- भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के क्रान्तिकारियों द्वारा ब्रिटिश राज के विरुद्ध भयंकर युद्ध छेड़ने की खतरनाक मंशा से हथियार खरीदने के लिये ब्रिटिश सरकार का ही खजाना लूट लेने की एक ऐतिहासिक घटना थी जो ९ अगस्त १९२५ को घटी।

९. उन्हें कब फाँसी दे दी गयी? 
- १९ दिसम्बर १९२७ को

१०. उन्हें फाँसी किस जेल में दी गई थी? 
- इलाहाबाद में नैनी स्थित मलाका जेल

११. फाँसी से पूर्व ठाकुर साहब ने ६ दिसम्बर १९२७ को इलाहाबाद स्थित मलाका (नैनी) जेल की काल-कोठरी से अपने एक मित्र को पत्र लिखा था पत्र समाप्त करने के पश्चात उसके अन्त में उन्होंने अपना एक शेर भी लिखा था वो क्या था? 
- "जिन्दगी जिन्दा-दिली को जान ऐ रोशन!
वरना कितने ही यहाँ रोज फना होते हैं।" 

तिलका माँझी   सुभाषचन्द्र बोस   लाला लजपत रॉय   वासुदेव बलवंत फडके

 


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