Thursday, December 17, 2015

‘सफेद रण’ नहीं देखा.... तो कुछ नहीं देखा


        गुजरात के कच्छ जिले में खावड़ा गांव से थोड़े दूर कच्छ का प्रसिद्ध पर्यटन स्थलसफेद रेगिस्तानहै, जो २३,३०० कि.मी. क्षेत्रफल में फैला हुआ है यह रेगिस्तान नमकीन दलदल का वीरान प्रदेश है यह भारत का सबसे बड़ा नमक का रेगिस्तान है समुद्री क्षार के कारण यहाँ पुरे रेगिस्तान में क्षार की चादर बिछी रहती है सर्दियों के मौसम के दौरान यहा क्षार के कारण जमीन का रंग सफेद हो जाता है यह रण का नजारा अलग अलग मौसम में बदलता ही रहता है ज्यादातर समय यह रण की धरती का नजारा सफेद चादर में ही दिखाई देता है इसलिए इसे सफेद रण कहा जाता है

     राज्य सरकार की और से यहाँ हर साल तिन महीने के लिए उत्सव का आयोजन किया जाता है, जिसे 'रणोत्सव' कहा जाता है, इसके अतंर्गत कच्छ के स्थानीय लोगों की ओर से रंगबेरंगी कला और संस्कृति का अदभुत समन्वय किया जाता है, जो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केन्द्र बन गया है


‘देश के दूध की राजधानी’
 दो समुद्र मिलते है लेकिन मिश्रित नहीं होते!!
ऐतिहा‍सिक इमारतों का स्थान मांडू


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