Monday, January 11, 2016

करुणा और सेवा की मूर्ति ‘मदर टेरेसा’

    मदर टेरेसा का जन्म २६ ऑगस्ट १९१० में हुआ था। मदर टेरेसा रोमन कैथोलिक नन थी, जिनके पास भारतीय नागरिकता थी। उन्होंने १९५०में कोलकता में मिशनरीज ऑफ चेरिटी की स्थापना की। इन्होंने ४५ सालों तक गरीब, बीमार, अनाथ, और मरते हुए लोगों की मदद की और साथ ही चेरिटी के मिशनरीज के प्रसार का भी मार्ग प्रशस्त किया। १९७० तक वे गरीबों और असहायों के लिए अपने मानवीय कार्यो के लिए प्रसिद्ध हो गयीं थी। उन्होंने १९७९ में नोबेल शांति पुरस्कार और १९८० में भारत का सर्वोच्च नागरिक सन्मान भारत रत्न प्रदान किया गया।
    मदर टेरेसा के जीवनकाल में मिशनरीज ऑफ चेरिटी का कार्य लगातार विस्तृत होता रहा। और उनकी मृत्यु के समय तक यह १२३ देशों में ६१० मिशन नियंत्रित कर रही थी। इसमें एचआईवी/एड्स, कुष्ठ रोगियों के लिए धर्मशालाएँ, घर शामिल थे और साथ ही सूप रसोई, बच्चों और परिवार के लिए परामर्श कार्यक्रम, अनाथालय और विद्यालय भी थे।



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