Tuesday, June 13, 2017

परम दानवीर भामाशाह


भारत देशमें मुगल साम्राज्य ने कही सालो तक राज किया है तथा कही राज्यों कों जितने के लिए युद्ध भी किये है। राजस्थान के मेवाड़ कों हासिल करने के लिए अकबर ने महाराणा प्रताप कों युद्ध के लिए ललकारा था, प्रताप ने बड़े ही वीरता से युद्ध लड़ा था पर अकबर की विशाल सेना के सामने महाराणा प्रताप कों भी सेना के गठन के लिए धन की आवश्यकता थी, मेवाड़ की रक्षा करने के लिए प्रताप के साथ भामाशाह जैसा दानवीर व्यकित था जो अपनी पूरी सम्पति दान में देकर मातृभूमि की रक्षा की थी। जब हल्दी घाटी का युद्ध हुआ तब उन्होंने बहुत ही दान किया था जिससे कही सैनिको का निर्वाह हुआ था। इस कारण भामाशाह कों एक अप्रितम दानवीर के रूप में जाना जाता है।

 

                                           दानवीर भामाशाह

दानवीर भामाशाह का जन्म राजस्थान के मेवाड़ में 29 अप्रैल 1547 एक जैन परिवार में हुआ था। जब महाराणा प्रताप अपने परिवार कों बचाने के लिए जंगलो में भटकते थे तब उसने अपनी पूरी सम्पति उसको अर्पण करदी इतना ही नहीं जब उसे दिल्ली गद्दी का प्रलोभन दिया गया तबभी उसने सहजता से ठुकरा दिया। आत्मसम्मान और त्यागशीलता के कारण उसे एक सच्चे देश-भक्त का सम्मान मिला है। उसने उदारतापरम दानवीर भामाशाह के कारण अपना नाम इतिहास में सुवर्ण अक्षरों से अमर कर दिया है। 52 साल तक जीवित रहकर अप्रतिम दान किया है। उनकी दानवीरता से भारत सरकार ने 2000 में 3 रूपये डाक टिकिट प्रस्तुत की थी। छतीसगढ़ शासनने उसकी देशभक्ति और दानवीरता से “दानवीर भामाशाह सम्मान” स्थापित किया है जो शिक्षा के क्षेत्र में उच्च स्थान प्राप्त करने वाले छात्रों कों सम्मानित किया जाता है।



image credit   : Wikipedia
image Source : Wikipedia 

करंट अफेयर्स 6 JUNE 2017

हिंदी करंट अफेयर्स 7-8 जून 2017

हिंदी करंट अफेयर्स 9 - 10 जून 2017





No comments:

Post a Comment