Wednesday, July 12, 2017

मनुष्य की तीसरी आँख : कैमरा

     ‘कैमरा का दूसरा नाम मनुष्य की तीसरी आँख वह अपनी यादगार पल को याद रखने के लिए सभी लोग कैमरा का प्रयोग करते है। आज कैमरा का स्थान मोबाईल ने ले लिया है; जिसमे कई तरह के फिचर देखने मिलते है। सबसे पहले कैमरा इराकी वैज्ञानिक इब्न-अल-हजैन द्वारा बनाया गया था। जिसके बाद अंग्रेज वैज्ञानिक ने पोर्टेबल कैमरा बनाया। 1885 में जोहन जान एसा कैमरा बनाया की जो तस्वीर खींचने में एक व्यावहारिक रूप से प्रयोग किये जाने लगा।
 
    
   कैमरा के आविष्कार में कई व्यक्तिओं का योगदान रहा है। दुनिया का सबसे पहला कैमरा सन 1900 में जोरज लोरेंस बनाया; जो सबसे पहले कैमरे की डिज़ाइन बनाई और निप्सेने पहली फोटोग्राफी निकली थी। पहले कैमरा से फोटो निकलने के लिए पुरे एक कक्ष का प्रयोग होता था; वो भी अंधरे कक्ष का। लेकिन आज हम कही भी फोटो खींच सकते है। कैमरा का कई प्रकार देखने मिलता है। जैसे, मूवी कैमरा, खिलौना कैमरा, विडियो कैमरा।


   दुनिया में सबसे पहले जापानने 2000 में डिजिटल कैमरा फोन पेश किया; जो सभी का प्रिय माध्यम बन गया। 2010 शुरुआत से लगभग सभी स्मार्टफोन में कैमरा लगाया है। यह एक प्रकाशीय युक्ति है जिसकी मदद से कोई स्थिर फोटो या चित्र को खींचा जा सकता है। निकोन, मिनोल्टा, यासिका, पैनटेक्स, कोसिना आदि कैमरा की निर्माता कंपनी है।


image credit   : Wikipedia
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