Saturday, July 29, 2017

नाटक सम्राट - विलियम शेक्सपियर

"हम यह जानते हैं की हम क्या हैं; लेकिन हम यह नहीं जानते की हम क्या बन सकते हैं।"
 - विलियम शेक्सपीयर

दोस्तों आपने शेक्सपियर के बारे में तो जरुर सुना होंगा। इसे इंग्लैण्ड का राष्ट्रीय कवि भी कहाँ जाता था। उसकी कल्पना जितनी प्रखर थी; उतना ही गंभीर उनके जीवन का अनुभव था। शेक्सपियर की रचनओं की एक और आनंद की उपलब्धि होती थी; तो दूसरी और हमे गंभीर जीवनदर्शन भी प्राप्त होते थे। आप मानो तो प्रकृति ने उन्हें वरदान दे दिया था की उन्हों ने जो कुछ छुआ वः सोना हो गया!!!

अत्यंत उच्च कोटि की सर्जनात्मक प्रतिभा और कला के नियमो का सहज ज्ञान धारक विलियम शेक्सपियर 16वीं शताब्दी के जाने-मने अंग्रेज कवि, नाट्यकार और अभिनेता थे। इनका जन्म जॉन शेक्सपियर और मेरी आर्ड़ेन के जयेष्ठ पुत्र एवं तीसरे संतान के रूप में 26 अप्रैल 1564 में स्ट्रैटफोर्ड आन एवन में हुआ था

उनकी रचनाओं के तिथिक्रम के बारे में काफी मतभेद है। लगभग 20 वर्षो के साहित्यिक जीवन में उनकी सर्जनात्मक प्रतिभा निरंतर बढती गई। सामान्य तौर पर देखा जाए तो शेक्सपियर का विकासक्रम में चार अवस्था दिखाई देती है

प्रारंभिक काल में उनकी प्राय: सभी रचना प्रयोगात्मक थी; जो अनुकरणात्मक थी। यहाँ तक उन्होंने अपना मार्ग निश्चित नहीं कर पाए थे। यह अवस्था का अंत 1595 में हुआ। इसी ही अवस्था में उन्होंने विश्व प्रसिद्ध बुक 'रोमियो एंड जुलिएट' थी; जिसमे मौलिकता का अंश अपेक्षाकृत ज्यादा था

विकासक्रम की दूसरी अवस्था में उन्होंने विश्व को प्रौढ़ रचनाएँ भेंट की| इस अवस्था में उन्होंने अपना मार्ग निश्चित और आत्मविश्वास अर्जित कर लिया था। इसी अवस्था में लिखे गये नाटक 'मच एडो एबाउट नथिंग', 'ऐज यू लाइक इट' और 'ट्वेल्वथ नाइट' थे। इस अवस्था का अंत लगभग 1600 में समाप्त हुए

तीसरी अवस्था उनके जीवन में विशेष महत्व रखती है। इन वर्षो में पारिवारिक विपत्ति एवं स्वास्थ्य खराबी के कारण उनका मन अवसन्न रहता था। इसके कारण इन दिनों में अधिकांश रचनाएँ दुखांत थी; जिसमे विश्वप्रसिद्ध दु:खांत नाटक हैमलेट, आथेलो, किंग लियर और मेकबैथ एवं रोमन दु:खांत नाटक जूलियस सीजर, एंटोनी ऐंड क्लिओपाट्रा एवं कोरिओलेनस का समाविष्ट होता है| इस अवस्था का अंत लगभग 1607 में हुआ

शेक्सपियर विकास की अंतिम अवस्था में पेरिकिल्स, सिंवेलिन, 'दी विंटर्स टेल', 'दी टेंपेस्ट' प्रभृति नाटकों का सर्जन किया, जो सुखांत होने पर भी दु:खद संभावनाओं से भरे हैं एवं एक सांध्य वातावरण की सृष्टि करते हैं। इन सुखांत दु:खांत नाटकों को रोमांस अथवा शेक्सपियर के अंतिम नाटकों की संज्ञा दी जाती है।

1613 में शेक्सपियर स्ट्रैटफोर्ड से रिटायर हो गए। अपने जन्म दिन के सिर्फ 3 दिन पहले यानि की 23 अप्रैल 1616 में मृत्यु हो गए

क्या आप शेक्सपियर के बारे में जानते है???
  1. क्या आप जानते हो की विलियम शेक्सपियर ने कभी भी कोलेज अटेंड नहीं किया था
  2. उनके समय दौरान, उनके नाटकों में महिलाओं को अभिनय करने की अनुमति नहीं थी; इसलिए शेक्सपियर के सभी नाटकों में महिलाओं के पात्र पुरुषो ने निभाए थे
  3. उन्हें अपने नाटकों को प्रकाशित करने में रूचि नहीं थे| वे अपने नाटको को मंच पर प्रदर्शित करना चाहते थे
  4. 'बार्ड ऑफ़ एवन' उपनाम धारक शेक्सपियर ने अंग्रेजी में लगभग 1700 शब्दों को क्रिएट किया है; जो कुछ-बहोत लोकप्रिय भी रहे है
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