Saturday, August 12, 2017

भगवान श्री कृष्ण



     भगवान श्री कृष्ण कई हिंदू संस्कृति के विभिन्न धर्मों और संप्रदायों में पूजनीय  है और उसे जगतगुरू भी कहा जाता है। भगवान श्री कृष्ण के जन्मदिन कृष्ण जन्माष्टमी के रूप में जाना जाता है। न केवल भारत के लोग ही बल्कि विदेशों में रहने वाले भारतीयों भी खुशी के साथ जन्माष्टमी मनाया जाता है। जन्माष्टमी श्रावण वद आठम  के दिन पूरे भारत भर में बहोत उत्साह के साथ मनाया जाता है जन्माष्टमी के दिन सभी लोगों में एक ही साद होता ही की ‘नंद घेरा नंद भयो, जय कनैया लाल की’ श्री कृष्ण अपना अवतार अत्याचारी कंस का विनाश करने के लिए लिया था|

     भगवान श्री कृष्ण स्वयं जन्माष्टमी के दिन पृथ्वी पर अवतार धारण किया था; इसलिए इस दिवस को जन्माष्टमी के रूप में जाना जाता है इस अवसर पर मथुरा नगरी भक्ति के रंगों से भरपूर होती है और लोग दूर दूर से मथुरा के दर्शन पर आते है जन्माष्टमी के दिन भगवान श्री कृष्ण पारणे में झूलते है और लोग रात को लोग भगवान श्री कृष्ण का ध्यान या मंत्र जाप करते है श्रावण वद आठम की रात को नगरो गोकुलमय बन जाता है और जगह जगह पर लोग कार्यक्रम करते है; जिसमें रथयात्रा, मटकी फोड़, रास-गरबा और कृष्ण गीत का समाविष्ट होता है