Thursday, September 21, 2017

दुधसागर जलप्रपात



गुमाना किसे पसंद नहीं होता किन्तु बारिश में गुमने की मजा ही कुछ ही ओर होती है। वर्षा ऋतू बहुत हो सुहानी ऋतू है चारों ओर प्रकृति की हरी चादर दिखाई देती है; तब हमें पर्वत, नदियाँ, तालाब आदि जगह गुमने का मन होता है।

हमारे देश में कही एसी जगह है जहां कुदरत ने चारों ओर से सुंदरता बक्षी है एसी जगह कही दुर्लभ ही देखने को मिलती है। मानसून के समय हर जगह हरियाली ही दिखाई देती है; तब प्रकृति से अधिक प्रेम करने वालों के लिए दुधसागर जलप्रपात अमूल्य एवं अद्वितीय भेंट है। वहा उसे जलप्रपात का सुंदर नजारा देखने को मिलता है।

दुधसागर जलप्रपात भारत के गोवा तथा कर्णाटक राज्य के बिच माण्डवी नदी पर स्थित है; जो चारों भागों में बिखरा हुआ है। यह जलप्रपात भारत के सबसे ऊंचाई से बहेने वालों में से एक है। जिसकी ऊंचाई 310 मीटर तथा लम्बाई 30 मीटर जितनी है। 


यहाँ जलप्रपात बहुत ही ऊंचाई से नीचे बहता है तब ऐसा लगता है की पहाड़िया में से दूध निकल रहा है; इसीलिए उसे दुधसागर जलप्रपात कहा गया है। मानसून के समय इसको देखने के लिए यहाँ पर्यटक का मेला लगता है क्युकी यहाँ घने जंगल, ऊँचे शिखर सबका मन मोह लेते है। उस समय दुनिया का सबसे सुंदर, अदभुत द्रश्य देखने मिलाता है। 


यह जलप्रपात सह्याद्रि पर्वत माला में स्थित भगवान महावीर अभ्यारण तथा मोलेम राष्ट्रीय उद्यान के बिच संरक्षक क्षेत्र में है। माण्डवी नदी के कारण ही कर्णाटक तथा गोवा की सरहदे अलग होती है। यह गोवा के रमणीय बिच से एकदम दूर अंतराल पहाड़िया विस्तार में स्थित है। यह दुनिया के विशिष्ट जलप्रपात के लिस्ट में सामिल है।

गोवा के इस नयनरम्य जलप्रपात पर कही फिल्मों की शूटिग भी हुई है जैसे चेन्नई एक्सप्रेस।

image credit : Wikipedia
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