Monday, September 25, 2017

बर्फ पानी में डूबता क्यों नहीं है?



➤  बर्फ का टुकड़ा पानी पर क्यों तैरता है? डूबता क्यों नहीं है?

बर्फ ठोस होते हुए भी वह पानी में में क्यों तैरता है; डूबता क्यों नहीं? वास्तव में कोई भी चीज पानी में तैरती है या डूबती है वह एक सिद्धांत के तहत होता है। बर्फ का टुकड़ा आर्कीमिडिज सिद्धांत के मुताबिक पानी में नहीं डूबता है।

आर्कीमिडिज सिद्धांत के मुताबिक जब कोई भी चीज़ पानी पर तैरती है तो पानी अपने वजन के बराबर वस्तु को हटा देता है। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य होगा कि बर्फ का टुकड़ा पानी से हल्का होता है। दुसरे शब्दों में कहा जाये तो पानी जमने के बाद बर्फ बन जाता है; जो ज्यादा जगह रोकता है। जिस कारण बर्फ का घनत्व पानी के घनत्व से कम हो जाता है। और यही कारण बर्फ पानी पर तैरता है।


➤  सुखा बर्फ क्या है?

आमतौर पर जब बर्फ की बात आती है तब हमारे मन में सिर्फ दो प्रकार के बर्फ का ही ख्याल आता है। एक जो पानी को जमाकर सिल्लियों के रूप में बाजार में बिकती है वह और दूसरा मौसम में पहाड़ो पर गिरती है वह। पर क्या आप जानते हो के इस दो प्रकार के अलावा तीसरे प्रकार की भी बर्फ होती है? जिसे सुखी बर्फ कहा जाता है। यह बर्फ पानी से नहीं बल्कि कार्बन डाइ ऑक्साइड गैस से बनती है। सुखी बर्फ को सॉलिड कार्बन डाइ ऑक्साइड भी कहा जाता है।

सामान्य रूप से कार्बन डाइ ऑक्साइड गैस अवस्था में रहता है लेकिन जब कार्बन डाइऑक्साइड गैस को सामान्य दबाव कम हो जाता है तब यह बगैस सिकुड़कर ठोस अवस्था में आ जाती है और पानी के बर्फ की तरह जम जाती है। 

यह बर्फ काफी ठंडा होता है और इसका तापमान लगभग 78.5 डिग्री फैरेनहाइट होता है। सुखी बर्फ की विशेषता यह है कि वह पिघलने पर तरल अवस्था में नहीं आता बल्कि सीधे गैस बनकर ही उड़ जाता है। इस बर्फ का काफी बजन होता है। इसके 1000 क्यूबिक इंच के टुकड़े का वजन लगभग 20 k.g. होता है।

इस बर्फ का प्रयोग निम्न तापमान पैदा करने के लिए होता है। मांस, आइस्क्रीम जैसी वस्तुओं को ख़राब होने से बचाने के लिए प्रयोग होता है। कमरों को ठंडा रखने के लिए भी इस बर्फ का प्रयोग होता है।

भेड़ाघाट - धुंआधार जलप्रपात

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