Sunday, October 1, 2017

विश्व के लिए प्रेरणादायक पुरुष : महात्मा गांधी

भारत के एक ऐसे महान व्यक्ति जो देश में ही नहीं पुरे विश्व के लिए प्रेरणादायक पुरुष है, जिसका नाम है महात्मा गांधी। जब पूरा देश अग्रेजों का गुलाम बन गया तब सत्य, अहिंसा, नैतिकता को लेकर देश को स्वतंत्र किया, गांधीजी स्वतंत्रता आंदोलन के एक प्रमुख राजनैतिक एवं आध्यात्मिक नेता थे, वह राजनीती में सत्ता नहीं पर सेवा प्रदान कि थी। उन्होंने दलितों के उद्धार के लिए जीवन भर सघर्ष किया है। 


2 अक्टूबर 1869 राष्ट्रपिता महात्मा गाँधी का जन्म हुआ था तभी हर साल 2 अक्टूबर को ‘गाँधी जयंती’ मनाई जाती है। उनका विवाह कम आयु में कस्तूरबा के साथ किया गया था। इस दिन पुरे विश्व में ‘अंतराष्ट्रीय अहिंसा दिवस’ मनाया जाता है। वह बिना किसी हिंसा के कही लड़ाई लड़ी है। गांधीजी ने अपने जीवन काल में चंपारण, खेडा सत्याग्रह, असहयोग, हरिजन आन्दोलन, नमक सत्याग्रह, भारत छोड़ो आंदोलन जैसे कही आंदोलन में सक्रीय भाग लिया था।

गांधीजी को दुनिया में आम जनता ‘महात्मा गांधी’ के नाम से जानती है, गांधी को महात्मा की उपाधि सबसे पहले 1915 में राजवैद्य जीवराम कालिदास ने प्रदान की थी रवीन्द्रनाथ टेगौर ने नहीं। उन्हें बापू (गुजराती भाषा में બાપુ बापू यानी पिता) के नाम से भी याद किया जाता है। सुभाष चन्द्र बोस ने 6 जुलाई 1944 को रंगून रेडियो से गांधीजी के नाम जारी प्रसारण में उन्हें राष्ट्रपिता कहकर सम्बोधित करते हुए आज़ाद हिन्द फौज़ के सैनिकों के लिये उनका आशीर्वाद और शुभकामनाएँ माँगीं थीं।


गांधीजी का कहना था की ‘जो आज़ादी के बजाय सुरक्षा चाहते हैं उन्हें जीने का कोई हक नहीं है’। 30 जनवरी,1948, गांधीजी कों नाथूराम गौड़से ने उस समय गोली मारकर हत्या कर दी गई पर उस हत्या में गाधीजी का शरीर नाश हुआ पवित्र आत्मा नहीं। गाँधी जी ने सभी विपरीत परिस्तिथि में अहिंसा और सत्य का पालन किया है। उनका जीवन साबरमती आश्रम में बिलकुल सादगी पूर्वक गुजरा है। 

 लिओ टॉलस्टॉय                                      स्वामी विवेकानन्द                                      विनोबा भावे