Monday, October 9, 2017

प्लास्टिक एक भयानक समुद्री प्रदूषण


एलन मैकआर्थर फाउंडेशन की रिपोर्ट मुताबिक प्लास्टिक के निपटारे के लिए तुरंत ही क्रांतिकारी कदम उठाने चाहिए। अगर ऐसा नहीं किया जायेगा तो 35 साल बाद मछलियों से ज्यादा प्लास्टिक होगी। इस रिपोर्ट के मुताबिक समुद्र में हर साल कम से कम 80 करोड़ टन प्लास्टिक जा रहा है, यानि की हर मिनिट करीब एक ट्रक प्लास्टिक।

इस रिपोर्ट के मुताबिक अगर कोई भी कदम नही उठायेंगे तो 2030 तक हर मिनिट दो ट्रक और 2050 तक हर मिनिट चार ट्रक प्लास्टिक समंदर में जायेगी। इसके लिए सबसे ज्यादा परेशानी पैकेजिंग के लिए होने वाली प्लास्टिक है।


कई संस्थाओं के रिसर्च से पता चला है कि प्लास्टिक की बेहतर रिसाइक्लिंग नहीं हो रही है। प्लास्टिक पैकेजिंग का उद्योग करीब 80 से 120 अरब डॉलर है और इस इंडस्ट्रीज का 95 प्रतिशत प्लास्टिक पहली बार में इस्तेमाल होने के बाद फेंका जा रहा है। फ़िलहाल समंदर में करीब 15 करोड़ टन प्लास्टिक है।


अगर यही स्थिति जरी रही तो रिपोर्ट मुताबिक 2025 तक 3 टन मछलियों के बीच 1 टन प्लास्टिक और 2050 तक मछलियों से ज्यादा प्लास्टिक होगी। समुद्र के नमकीन वाले पानी में तैरता प्लास्टिक सूर्य की तेज रोशनी में टूटने लगता है और विघटन के बाद यह सूक्ष्म प्लास्टिक बड़े समुद्री इलाके में फ़ैल जाता है।

वैज्ञानिक इस बात पर चेतावनी भी दे चुके है कि समुद्र में प्लास्टिक विघटन का असर इंसान समेत कई जीवों के आहार चक्र पर पड़ सकती है। 

पुनर्चक्रण करके क्या हो सकता है?