Monday, January 1, 2018

दूरबीन की शोध कब और कैसे हुई??



आपने दूरबीन का जादू देखा होगा; जो पास की चीजों को दूर और दूर की चीजों को पास दिखता है। अब आप सोच रहे होगें की दूरबीन कैसा बना??

हौलेंड देश में एक मिडिल क्लास शहर में एक चश्मों का व्यापारी रहता था; जिसका नाम हेंस लिपरशी था। वह बहुत अच्छा चश्मा बनाता था और उसके पास कई तरह के सुंदर काँच थे। उनका एक बेटा था; जो बहुत बड़ा शैतान था। वह रंग-बिरंगे काँच टुकड़ो से दिन भर खेलता था और उन पर सूरज की रोशनी डालकर सबको परेशान करता था; पर वह बुद्धि में बहुत तेज था। साथ ही साथ उनके दिल में चीज को जानने के जिज्ञासा रहती थी।

एक दिन रविवार होने के कारण इस बालक को स्कूल में छुट्टी थी और लिपरशी ने उसे अपने अपने दुकान पर ले गए। और इस बालक के सामने काँच के टुकड़े की एक बड़ी टोकरी रख दी और कहा की सब काँच को अलग अलग रंग में कर के एक साथ रख दे। 

रंग-बिरंगे और छोटे बड़े काँच को देखकर इस बालक के मन में सवाल आया कि यह किसने बनाया होगा?? यह जिज्ञासु बालक ने अपने पिता को पूछा कि यह काँच किसने बनाया? क्या वह जमीन से पैदा होते है? लिपरशी ने मुस्कुरा कर कहाँ की यह काँच जमीन से पैदा नहीं होता है; पर काँच का जन्म तुम्हारे जैसे एक शैतान बच्चे के कारण हुआ है। 

बच्चे ने हैरानी से कहा - अच्छा।

तब लिपरशी ने कहाँ की मिस्त्र देश में बहुत बड़ा रेगिस्तान है। वहाँ ऊँटों के काफिले कई दिनों तक चलते है और वही रेगिस्तान में यह काफिला पड़ाव डालता था। वह लोग जहाँ रुकते है वहाँ ही वे खाना बनाते है, आराम करते है और धीरे धीरे आगे बढ़ते है। 

इस काफ़िले में बच्चे भी थे। रेगिस्तान में कहीं पानी नहीं था। रात हुई वही रेत पर चूल्हा बनवाकर खाना बनाया; जो देर रात तक खाना बनता रहा। बाद में चूल्हा बुझ गया और लोग वही ठंडी रेत पर सो गए।

सवेरा हुआ तो सब लोग अपना सामान बांधकर चलने कि तैयारी की। रात को जहाँ पर खाना बना था वहाँ कुछ बच्चे खेलने लगे और चूल्हे कि राख वहाँ से हटाकर इधर उधर फेकने लगे। अचानक एक बच्चे ने देखा की राख के नीचे कोई सख्त चीज है और उसके नीचे कि रेत भी साफ दिखाई रही थी। 

सब एक दूसरे को पूछने लगे की क्या किसी ने चूल्हा जलाने से पहले जहाँ कोई राखी थी? सब ने कहाँ की नहीं तो क्या रेत पिघल गई। हाँ, यही ही हुआ था।

कहानी खत्म होते ही लिपरशि ने अपने बेटे को कहाँ की जाओ अब बाक़ी के टुकड़े छांटकर रखो और मुझे परेशान मत करो। यह बच्चा टोकरी उठाकर काँच छांट ने लगा। फिर उसे उठाकर उसके आरपार देखना शुरू किया। कभी लाल, तो कभी पीला और कभी सभी एक साथ मिलाकर..., पर वह बालक अचानक डर जाता है क्युकि उसने देखा कि उसके सामने जो गिरजाघर की मिनार थी वो एक दम से पास आ गए। पर उसे लगा कि यह कोई भ्रम है। फिर से देखा तो वही दिखा। 

अब वह सोचने लगा कि यह बात अपने पिता को बताये या नहीं। कही वह गुस्सा ना करे। कही यह जादू वाला काँच तो नहीं ने। फिर से एकबार देखा और वही देखा। अब यह बच्चा चिल्लाया पापा! पापा! और सब कुछ अपने पिता को दिखाया। उनके पिता यह विज्ञान समज गये और कहाँ की बेटा अनजाने में तुमने एक आविष्कार कर दिया है; इससे हम दूर की वस्तु को पास से देखने वाले यंत्र की तरकीब खोज ली है और हम एक यंत्र बनायेगे; जिससे दुनियाभर में हमारा नाम हो जायेगा।

लिपरशी ने वैसे ही काँच को लगाकर एक दूरबीन बनाई; जो दुनिया की सबसे पहली दूरबीन थी। सब लोगों ने लिपरशी को बधाई दी; पर उसका असली हकदार उनका बेटा था। इस दूरबीन के आधार पर गेलेलियो ने बड़ी दूरबीन बनाई।

कई बार अनजाने में हुए आविष्कार भी दुनिया को नई राह देखा देता है।