Saturday, June 30, 2018

तुलसी : जड़ी बूटियों की रानी

भारत में तुलसी सबसे पवित्र जड़ी बूटी मानी जाती है। इसलिए उसे 'जड़ी बूटियों की रानी' भी कहाँ जाता है। और तुलसी एशिया के दक्षिणी भाग जैसे थाईलैंड, भारत और हिंदू प्रभावित देशों में पाई जाती है। पिछले 5000 सालों से हिंदू उसकी सुबह - शाम उसकी पूजा करते आए है। अपने फायदों के कारण तुलसी सिर्फ भारत में ही नही बल्कि दुनिया भर में जानी जाती है।

तुलसी को अपने औषधिय गुणों के लिए सर्वश्रेष्ठ स्थान दिया जाता है। भारतीय संस्कृति के लोग इसकी पूजा करते है तुलसी का जितना धार्मिक महत्व है इतना ही वैज्ञानिक महत्व भी है। आयुर्वेद वे तुलसी को संजीवनी बूटी के समान माना जाता है। आपके आंगन में लगा छोटा सा तुलसी का पौधा, अनेक बीमारियों का इलाज करा शकता है। तुलसी में कई ऐसे गुण होते है जो बड़ी बड़ी जटिल बीमारियों को भी दूर कर शकता है और उसको रोकने में सहायक बन शकता है। भारत में सदियों से तुलसी का उपयोग धर्म और आयुर्वेद में चला आ रहा है। इसके प्रभाव से मानसिक शांति घर में सुख समृद्धि और जीवन में अपार सफलताओ का द्वार खुलता है। यस ऐसी रामबाण औषधि है जो हर प्रकार की बीमारियों में काम आती है। जैसे की स्मरण शक्ति, कफ, खासी, ह्रदय रोग, जुकाम, दंत रोग, आदि में चमत्कारी लाभ मिलता है। वातावरण को भी शुद्ध करती है तथा पर्यावरण संतुलन बनती है। इसीलिए इस औषधि को धार्मिक और वैज्ञानिक रूप से विशेष महत्व दिया है।

तुलसी का सेवन करने से हमारा खून पतला होता है। इसलिए हमे खून के जमने को रोकनी वाली दवाओं के साथ नही लेना चाहिए। मधुमेह या हाइपोग्लाइसीमिया से पीड़ित लोग, जो दवा ले रहे है और तुलसी का सेवन करते है तो उनके रक्त शर्करा में अत्यधिक कमी हो सकती है।

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