Tuesday, December 25, 2018

शेर का किला : सिंहगढ़ एक प्राचीन किला

महाराष्ट्र का पुणे भारत के सबसे विकसित शहरों में गिना जाता है, जो भारत की एक बड़ा युवा आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। यहां कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों की शाखाएं है, जो रोजगार के बड़े अवसर पैदा करती हैं। पुणे अपने शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी जाना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में यहां युवाओं की आबादी काफी बढ़ी है। पर्यटन की दृष्टि से भी यह शहर काफी ज्यादा महत्व रखता है, जहां आप प्राचीन संरचनाओं से लेकर प्राकृतिक स्थलों की खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं। पुणे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक रूप से एक परिपूर्ण जिला है।


हर साल यहां भारी संख्या में पर्यटकों को आगमन होता है। पुणे के आसपास कई प्राचीन किले मौजूद हैं, जो न सिर्फ अपने अतीत के लिए जाने जाते हैं बल्कि एडवेंचर गतिविधियों के लिए भी काफी लोकप्रिय हैं। आज इस लेख में हम आपको पुणे जिले के अंतर्गत सिंहगढ़ किले के बारे में बताने जा रहे हैं, जानिए यह किला आपकी यात्रा को किस प्रकार खास बना सकता है।

पुणे मुख्य शहर से 37 कि.मी की दूरी पर स्थित सिंहगढ़ एक प्राचीन किला है, जो अपनी खास भौगोलिक स्थित और अपने इतिहास के लिए जाना जाता है। अतीत पर प्रकाश डालें तो पता चलता है कि इस किले का निर्माण 2000 साल पहले किया गया था, हालांकि इसके निर्माण संबधी सटीक जानकारी उपलब्ध नही है। प्राचीन काल में यह स्थल कोंधन के नाम से जाना जाता था, जहां इतिहास की कई बड़ी लड़ाइयां लड़ी गई हैं, जिनमें 1670 का सिंहगढ़ युद्ध काफी ज्यादा महत्वपूर्ण रहा। यह किला समुद्र तल से 1,312 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। किले के नाम का शाब्दिक अर्थ 'शेर का किला' है। यह अपने समय का बनाया गया एक मजबूत किला है, जिसकी मजबूत दीवारे आज भी सुरक्षित हैं। यहां मौजूद दो प्रवेश द्वार हैं एक कल्याण दरवाजा और दूसरा पुणे दरवाजा। इस किले का निर्माण रणनीतिक तौर पर किया गया था। इस किले पर 1328 ईस्वी में मोहम्मद बिन तुगलक ने कब्जा कर लिया था। इस किले पर काफी लंबे समय तक मराठाओं का शासन रहा। यह किला इतिहास की कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी है। मराठा और मुगलों का एक बड़ा इतिहास इस प्राचीन किले से होकर गुजरता है। अतीत के बेहतर समझ के लिए आप यहां आ सकते हैं।

ज्वालामुखी क्या है?

ज्वालामुखी का इतिहास

एक हजार वर्ष से ऊपर की बात है. इतालिया (इटली/Italy) के लोगों ने सुन रखा था कि उनके देश का विसूवियस पहाड़ (Mount Vesuvius) किसी जमाने में फट पड़ा था, उससे आग निकली थी. लोग ऐसी बात सुन कर डर जरुर गए  थे पर यह कल्पना भी नहीं कर पाते थे कि वह फिर से आग उगल सकता है. कारण, उस घटना को हुए कई हजार साल बीत चुके थे और धुप, पाला, हवा, वर्षा इत्यादि से उसके झुलसे हुए मुँह और पहाड़ी ढालों आर हरियाली छा चुकी थी. उसके घाव भर गए थे. चारों ओर धरती मुस्करा रही थी और नए नगर बस गए. पम्पियाई और हरक्युलैनियम (Herculaneum) जैसे इतिहास-प्रसिद्ध नगर उसी की तलहटी में विकसित हो रहे थे.
तभी एक घटना हुई. घटना क्या उसे दुर्घटना कहना चाहिए. 24 अगस्त, सन् 79 ई. दोपहर के समय में विसूवियस के मुँह से सफ़ेद धुआँ निकलने लगा. पृथ्वी का कम्पन बढ़ा और जोर की गड़गड़ाहट के साथ विस्फोट हो गया. नगर के लोगों ने समझा कि संसार का अब अंत होने वाला है. राख, धूल और पत्थरों की वर्षा होने लगी, आकाश काले बादलों से भर गया, चारों ओर भीषण अंधेरा छा गया.  देखते-देखते नगरों के इमारतें धराशायी हो गयीं. जहाँ-तहाँ आग लग गई. कई लोग मर गए. पम्पाई में मुश्किल से 1/10 लोग (लगभग दो हजार) बाख पाए. पहाड़ की ओर से आई कीचड़ की तरह वस्तु ने नगरों को ढक लिया. दोनों नगर पूरी तरह से बरबाद हो गए.
सैंकड़ों वर्ष बाद देश के लोग यह भी भूल गए कि वे नगर कहाँ थे. इस तरह की घटनाएँ पृथ्वी के विभिन्न भागों में घटी हैं और आगे भी घटती रहेंगी. हम इन्हें ज्वालामुखी या ज्वालामुखी-उद्गार कह कर पुकारते हैं.

ज्वालामुखी क्या है?

ज्वालामुखी भूपटल पर वह प्राकृतिक छेद या दरार है जिससे होकर पृथ्वी के अन्दर का पिघला पदार्थ, गैस या भाप, राख इत्यादि बाहर निकलते हैं. पृथ्वी के अन्दर का पिघला पदार्थ, जो ज्वालामुखी से बाहर निकलता है, भूराल या लावा (Lava) कहलाता है. यह बहुत ही गर्म और लाल रंग का होता है. लावा जमकर ठोस और काला हो जाता है जो बाद में जाकर ज्वालामुखी-चट्टान के नाम से जाना जाता है. लावा में इतनी अधिक गैस होती है
कि वह एक ही बार निकल पाती है. लावा में बुलबुले इन गैसों के निकलने के कारण हो उठते हैं. लावा का बहना बंद हो जाने पर कुछ काल तक भाप निकलते देखा जाता है. पिघली चट्टान को ऊपर लाने में ये गैसें ही सहायक होती हैं मगर यह जरुरी है कि भूपटल पर कहीं कोई कमजोर परत मौजूद हो जिसे तोड़ कर, फाड़कर या छेदकर गैस लावा को ऊपर की ओर रास्ता बनाने में मदद करे. ज्वालामुखी-विस्फोट होने पर भूकंप होना स्वाभाविक है.

ज्वालामुखी-विस्फोट कैसे होता है?

एक भूवेत्ता के शब्दों में “ज्वालामुखी पृथ्वी की सतह पर उगे हुए फोड़े हैं. ये वहीं फूटते हैं जहाँ की पपड़ी कमजोर होती है, जहाँ इन्हें कोई रास्ता मिल जाता है.” हम पृथ्वी की पपड़ी को भेद कर तो नहीं देख पाते, मगर अनुमान लगाते हैं कि वहाँ की स्थिति क्या हो सकती है. हम अभी तक चार मील की गहराई तक खुदाई कर सके हैं और हम लोगों ने पाया कि गहराई के साथ-साथ तापक्रम बढ़ता जाता है. हमें सबसे गहरी खानों को इसी कारण वातानुकूलित (Air-conditioned) करना पड़ता है. नीचे की ओर बढ़ते हुए तापक्रम को देखकर ही अभी हाल-हाल तक लोगों का विश्वास था कि पृथ्वी का भीतरी भाग ठोस नहीं हो सकता, वहाँ की चट्टानें ठोस रूप में नहीं हैं बल्कि द्रव अवस्था में हैं. मगर भूकंप-लेखक यंत्रों की सहायता से भूकंप की लहरों का अध्ययन कर वैज्ञानिक इस परिणाम पर पहुँचे हैं कि 1800 मील की गहराई तक पृथ्वी की पपड़ी द्रव अवस्था में नहीं है. सच बात यह है कि पिघलने के लिए उन चट्टानों के पास जगह भी नहीं है. पृथ्वी अपने अधिक भार से उन्हें वहाँ दबाये रहती है. पिघलने में चट्टानों को फैलना पड़ता है और ऊपर की अपेक्षाकृत ठंडी परतें उन्हें इतने जोर से दबाये रहती हैं कि वे फैल नहीं पातीं, अतः पिघलने की सीमा तक गर्म होकर भी पिघलने में असमर्थ बनी रहती है.
मगर लावा तो पृथ्वी के अन्दर से निकली हुई पिघली चट्टानें हैं. यह कहाँ से और कैसे ऊपर आ जाता है? संभव है, कहीं-कहीं किन्हीं कारणों से पृथ्वी की पपड़ी का दबाव कम हो गया हो. हो सकता है, पपड़ी खिंचकर ऊपर उठ गई हो, इसलिए कि पृथ्वी धीरे-धीरे ठंडी हो रही है, सिकुड़ रही है और पपड़ी में झुर्रियाँ पड़ रही हैं. ऐसा होने से दबाव कम होगा और कुछ नीचे (50-60 मील नीचे) की चट्टानों को फैलकर द्रव बन्ने की जगह मिल जाएगी. यह भी संभव है कि पपड़ी के स्थान-विशेष की चट्टानें विशेष रूप से गर्म हो उठी हों.  कुछ सालों पहले हमने चट्टानों में रेडियो-सक्रिय तत्त्वों का पता लगाया है. ये तत्त्व टूटकर दूसरे पदार्थों में बदल जाते हैं. इस परिवर्तन के चलते ताप उत्पन्न होता है. लगातार तेजी से निकलते इस ताप से स्थान-विशेष की चट्टानें बहुत गर्म होकर पिघल जा सकती हैं और ऊपर की ठोस पपड़ी को फाड़कर निकल जा सकती हैं.

मैग्मा

इतना कहकर भी हम यह निश्चित रूप से नहीं कह सकते कि इन शक्तियों के कारण ज्वालामुखी विस्फोट हुआ करता है. पृथ्वी के भीतर पिघली हुई चट्टानों के कोष को “मैग्मा (Magma)” कहा गया है. इसकी तुलना बोतल में भरे सोडावाटर से की जा सकती है. काग खुलते ही सोडावाटर मुँह की ओर दौड़ता है, उसी तरह कमजोर भूपटल पाकर गैसयुक्त लावा ऊपर आने के लिए दौड़ पड़ता है और जहाँ-तहाँ अपना रास्ता बना ही लेता है. तेजी से आने के कारण जोरों का विस्फोट होता है और धरती को कंपा देता है. वहाँ की चट्टानें टूट-टूट कर चारों ओर बिखर जाती है; धूल, वाष्प और अन्य गैसों के बादल छा जाते हैं और फिर लावा बह निकलता है. लावा के बहने और जमने से उलटे funnel के आकार का पर्वत बन जाता है और उसके मुँह पर गड्ढा हो जाता है जिसे क्रेटर (Crater) या ज्वालामुखी कहते हैं.

ज्वालामुखी के प्रकार

सामान्य प्रकार से ज्वालामुखी का वर्गीकरण इस प्रकार किया जाता है –
  1. सक्रिय या जाग्रत (Active)
  2. सुषुप्त या निद्रित (Dormant)
  3. मृत (Extinct)

सक्रिय या जाग्रत ज्वालामुखी (Active Volcanoes)

ज्वालामुखी

सक्रिय ज्वालामुखी वे हैं जिनसे समय-समय पर विस्फोट हो जाया करता है अर्थात् जिनसे लावा, गैस, वाष्प इत्यादि निकला करता है. अभी नवीनतम गणना (data) के अनुसार संसार में इनकी संख्या लगभग 1,500 है. ये हर जगह मिलते भी नहीं. भारत में अंडमान निकोबार के Barren Island में सक्रिय ज्वालामुखी है. संसार के कुछ प्रमुख सक्रिय ज्वालामुखी (names of active volcanoes) ये हैं – हवाई द्वीप का मौना लोआ (Mauna Loa), सिसली का एटना (Mount Etna) और स्ट्राम्बोली (Stromboli volcano), इटली का विसुवियस (Italy’s Vesuvius), इक्वेडोर का कोटोपैक्सी (Ecuador’s Cotopaxi), मेक्सिको का पोपोकैटपेटल (Mexico’s Popocatepetl) , कैलिफ़ोर्निया का लासेन.

सुषुप्त या निद्रित ज्वालामुखी (Dormant Volcanoes)

वे हैं जो वर्षों से शांत, स्तब्ध या सोये हुए जान पड़ते हैं पर उनके सक्रीय या जाग्रत होने की संभावना रहती है. ऐसे ज्वालामुखी बड़े खतरनाक साबित होते हैं. लोग किसी ज्वालामुखी को शांत समझकर उसकी तलहटी में बस जाते हैं पर जब किसी दिन वह विशालकाय दैत्य जागता है तो धरती हिलने लगती है, भीतर से गड़गड़ाहट की आवाज़ आने लगती है और विध्वंस-लीला होने लगती है. आसपास के नगर और गाँव बर्बाद हो जाते हैं. सन् 79 ई. का विसुवियस विस्फोट सुषुप्त ज्वालामुखी का ही उदाहरण था जो अपनी तलहटी में बसे पम्पयाई और हरक्यूलैनियम नगरों को निगल गया. फिर यह 17वीं शताब्दी, 19वीं शताब्दी और 20वीं शताब्दी में (सन् 1906 ई. में) जगा और अपार क्षति पहुँचा गया. जापान का फ्यूजीयामा जो संसार का सबसे सुन्दर ज्वालामुखी कहा जाता है, सुषुप्त ज्वालामुखी के अन्दर आता है. पता नहीं, वह कब विध्वंस की लीला शुरू कर दे, फिर भी जापानियों को वह बहुत प्रिय है. फिलीपीन का मेयन भी एक सुन्दर ज्वालामुखी है जिसे “फिलीपीन का फ्यूजीयामा” कहा जाता है. यह भी कई बार फूट चुका है. जावा और सुमात्रा के बीच क्राकाटोआ विस्फोट (सन् 1883 ई. का) भी सुषुप्त ज्वालामुखी का ही उदाहरण प्रस्तुत कर गया. इसने एकाएक वह प्रलय लाने वाला दृश्य उपस्थित किया जो किसी ने न देखा था और न सुना था. इतने जोर का विस्फोट हुआ कि उसकी आवाज़ हजारों मील तक सुनाई पड़ी थी. समुद्र में इतनी बड़ी लहरें उत्पन्न हुई थीं कि वे पृथ्वी की परिक्रमा करने लगीं. आकाश में उससे इतनी अधिक धूल और राख फैली कि तीन वर्ष तक उड़ती रही. उस समय विस्फोट से वायु में इतनी तेज लहरें पैदा हुईं कि वे तीन बार पृथ्वी की परिक्रमा कर आयीं. उस विस्फोट में लगभग 36 हज़ार आदमी मरे और सारा द्वीप नष्ट हो गया.

मृत या शांत ज्वालामुखी (Extinct or Dead Volcanoes)

ये वे हैं जो युगों से शांत हैं और जिनका विस्फोट एकदम बंद हो गया है. बर्मा का पोपा, अफ्रीका का किलिमंजारो, दक्षिण अमेरिका का चिम्बराजो, हवाई द्वीप का मीनाको, ईरान का कोह सुल्तान मृत ज्वालामुखी के examples हैं.

जानिए क्या है बिटकॉइन और क्यों चढ़ रही है कीमत?

बिटकॉइन एक तरह की क्रिप्टोकरेंसी है| अंग्रेजी शब्द 'क्रिप्टो' का अर्थ गुप्त होता है| यह एक प्रक्रार की डिजिटल करेंसी है, जो क्रिप्टोग्राफी के नियमों के आधार पर संचालित और बनाई जाती है| क्रिप्टोग्राफी का अर्थ को कोडिंग की भाषा को सुलझाने की कला है|

बिटकॉइन को आप छू नहीं सकते यानी की यह डिडिटल फॉर्म में ही रहती हैं| यही इसकी सबसे खास बात है| दूसरे शब्दों में आप इसे विकेंद्रीकृत डिजिटल करेंसी भी कह सकते हैं| बिटकॉइन का आविष्कार साल 2009 में सतोषी नाकामोटो ने किया था| 


बिटकॉइन वर्चुअल कॉइन (कृत्रिम सिक्के) हैं, जो अपनी कीमत बनाने और बढ़ाने के लिए डिजाइन किए गए हैं| इस तरह पैसों के लेन-देन के लिए आपकों बैंकों तक जाने की जरूरत नहीं है| यदि आपके पास बिटकॉइन है, तो इसकी कीमत और वैल्यू उसी तरह मानी जाएगी जैसे ईटीएफ में कारोबार करते समय सोने की होती है| आप बिटकॉइन के जरिए ऑनलाइन शॉपिंग भी कर सकते हैं और इसे निवेश के रूप में भी रख सकते हैं|

बिटकॉइन एक पर्सनल ई-वॉलेट से दूसरे पर्सनल ई-वॉलेट में ट्रांसफर किए जाते हैं| ये ई-वॉलेट्स आपका निजी डेटाबेस होते हैं, जिसे आप अपने कंप्यूटर, लैपटॉप, स्मार्टफोन, टैबलेट या किसी ई-क्लाउड पर स्टोर करते हैं|

25 December 2018 : Current Affairs

1. पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेई के समाधि स्‍थल को क्‍या नाम दिया गया है?
a. शांति वन
b. एकता स्‍थल
c. स्‍मृति स्‍थल
d. सदैव अटल
Answer: d. सदैव अटल
  • 25 दिसंबर को वाजपेई की जयंती के के मौके पर यहां पहली प्रार्थना सभा आयोजित की जाएगी। - अगर आप दोपहर बाद यह वीडियो देख रहे हैं, तो अब तक यह हो चुका होगा।
  • नई दिल्‍ली में राष्ट्रीय स्मृति स्थल पर मौजूद खाली जगह को सदैव अटल स्‍मृति स्‍थल बनाया गया है।
  • यह वही जगह है जहां 17 अगस्‍त 2018 को वाजपेई का अंतिम संस्‍कार किया गया था।
नाम और स्‍मारक
  1. महात्मा गाँधी - राजघाट
  2.  लाल बहादुर शास्त्री - विजय घाट
  3. इंदिरा गाँधी - शक्ति स्थल
  4. जगजीवन राम - समता स्थल
  5. चौधरी चरण सिंह - किसान घाट
  6. राजीव गाँधी - वीर भूमि
  7. ज्ञानी जैलसिंह - एकता स्थल                                              
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2. केंद्र सरकार ने पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 94वीं जयंती की पूर्व संध्या पर उनकी स्मृति में कितने रुपये का सिक्का जारी किया?
a. 100 रुपये
b. 10 रुपये
c. 05 रुपये
d. 500 रुपये
Answer: a. 100 रुपये
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 100 रुपये का स्मारक सिक्का जारी किया।
  • इसे पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की याद में उनके 94वीं जयंती से ठीक पहले जारी किया गया है। जयंती 25 दिसंबर को है।
ऐसा है सिक्का
  • स्मारक सिक्के पर सामने की तरफ भारत का प्रतीक चिह्न है। इस पर अशोक स्‍तंभ और इसके नीचे देवनागिरी लिपी में 'सत्‍यमेव जयते' अंकित है। सिक्के पर देवनागिरी लिपी में 'भारत' और रोमन अक्षरों में 'INDIA'लिखा है।
  • प्रतीक चिह्न के नीचे सिक्के का मूल्य '100' अंकित है। सिक्के के दूसरी तरफ पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की तस्वीर और देवनागिरी व रोमन लिपि में उनका नाम लिखा गया है। उनके जन्म और निधन का साल 1924-2018 भी इस पर अंकित है।
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3. साइकिल से 159 दिन में दुनिया का चक्कर लगाने वाली सबसे तेज़ एशियाई महिला कौन बन गयी हैं?
a. वेदांगी कुलकर्णी
b. ममता कुलकर्णी
c. निर्मला चौधरी
d. कोमल अग्रवाल
Answer: a. वेदांगी कुलकर्णी
  • 23 दिसंबर, 2018 को, 20 साल की पुणे की महिला वेदांगी कुलकर्णी, साइकिल से दुनिया की सैर करने वाली सबसे तेज एशियाई बन गईं।
  • उन्होंने 14 देशों में प्रतिदिन 300 किमी तक साइकिल चलाकर 159 दिन बिताए।
  • कुलकर्णी ने 29 हजार किलोमीटर का सफर पूरा किया।
  • उन्होंने ऑस्ट्रेलिया के पर्थ से जुलाई महीने में यह यात्रा शुरू की थी।
  • उन्‍होंने साइकिल पर लगभग 80 फीसदी यात्रा अकेले पूरी की।
  •  वेदांगी ब्रिटेन के बॉउर्नेमाउथ यूनिवर्सिटी की स्‍पोर्ट्स फैकेल्‍टी की स्‍टूडेंट हैं।
  • 38 साल की ब्रिटिश साहसी जेनी ग्राहम, 2018 में 124 दिनों में दुनिया में सबसे तेज साइकिल चलाने वाली महिला हैं।
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4. नौसेना ने INHS संधानी को अपने बेड़े में 24 दिसंबर 2018 को शामिल किया, यह इनमें से क्‍या है?
a. युद्धपोत
b. नौसैन्‍य अस्‍पताल पोत
c. नेविगेटर पोत
d. इनमें से कोई नहीं

Answer: b. नौसैन्‍य अस्‍पताल
 
INHS का फुलफॉर्म होगा - इंडियन नेवल हॉस्पिटल शिप (भारतीय नौसैन्य अस्पताल पोत)
  • भारतीय नौसेना ने 24 दिसंबर को मुंबई के पास उरण में नौसैन्य स्टेशन करांझा में अपने दसवें नौसैन्य अस्पताल के रूप में आईएनएचएस संधानी को अपने बेड़े में शामिल किया।
  • यह दवा, सर्जरी, स्त्रीरोग, बालरोग आदि क्षेत्रों के विशेषज्ञों के दल वाले 30 बिस्तरों का हॉस्पिटल पोत है।
  • इस अस्पताल के बेड़े में शामिल होने से सैनिकों को बेहतर इलाज मिल पाएगा और मरीजों को समुद्र मार्ग से मुंबई ले जाने की जरूरत नहीं रहेगी।
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5. PM नरेंद्र मोदी ने 24 दिसंबर को किस विद्रोह पर स्‍मारक टिकट जारी किया, जो उड़ीसा में 1817 में ब्रिटिश राज के खिलाफ था?
a. उड़ीसा विद्रोह
b. रसद विद्रोह
c. पाइका विद्रोह
d. इनमें से कोई नहीं

Answer: c. पाइका विद्रोह
  • यह सशस्‍त्र विद्रोह था। पाइक लोगों ने भगवान जगन्नाथ को उड़िया एकता का प्रतीक मानकर बक्सि जगबन्धु के नेतृत्व में 1817 में यह विद्रोह शुरू किया था।
  • यह आन्दोलन पूरे उड़ीसा में फैल गया किन्तु अंग्रेजों ने निर्दयतापूर्वक इस आन्दोलन को दबा दिया।
  • कुछ इतिसकार इसे 'भारत का प्रथम स्वतन्त्रता संग्राम' की संज्ञा देते हैं।
  • PM मोदी ने उड़ीसा में ही आईआईटी भुवनेश्वर को देश को समर्पित किया।
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6. राजस्‍थान सरकार के मंत्रीमंडल का विस्‍तार 24 दिसंबर 2018 को हुआ। विधायकों में कितने कैबिनेट और राज्‍य मंत्री ने शपथ ली?
a. 13 कैबिनेट, 10 राज्यमंत्री
b. 11 कैबिनेट, 10 राज्यमंत्री
c. 13 कैबिनेट, 13 राज्यमंत्री
d. 16 कैबिनेट, 10 राज्यमंत्री

Answer: a. 13 कैबिनेट, 10 राज्यमंत्री
  • कुल 23 विधायकों ने शपथ ली।
  • यहां के मुख्‍यमंत्री अशोक गहलोत हैं और उप मुख्‍यमंत्री सचिन पायलट ने 17 दिसंबर को शपथ ली थी।
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7. भारत ने ओडिशा तट से 23 दिसंबर 2018 को परमाणु आयुध (weapon) ले जाने में सक्षम लंबी दूरी की मारक बैलिस्टिक मिसाइल अग्नि-4 का ________वां परीक्षण किया?
a. पांचवां
b. चौथा
c. दसवां
d. सातवां

Answer: d. सातवां
  • - इस सामरिक मिसाइल का परीक्षण डॉ. अब्दुल कलाम द्वीप स्थित एकीकृत परीक्षण केंद्र (आईटीआर) के लॉन्च पैड संख्या-4 से किया गया.
  • - इस मिसाइल को डीआरडीओ ने बनाया है।
  • अग्नि-4 एक इंटरमीडिएट रेंज बैलिस्टिक मिसाइल है.
  • यह मिसाइल 20 मीटर लंबी, डेढ़ मीटर चौड़ी और 17 टन वजन वाली है.
  • यह मिसाइल 4,000 किलोमीटर की दूरी तक का लक्ष्य भेदने में सक्षम है.
  • भारत में निर्मित यह मिसाइल जमीन से जमीन पर प्रहार करती है
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8. किस राज्‍य की विधानसभा ने 21 दिसंबर 2018 को भीड़-विरोधी हिंसा विधेयक 2018 पारित किया?
a. उत्‍तर प्रदेश
b. मिजोरम
c. मणिपुर
d. पंजाब

Answer: c. मणिपुर
  • इस विधेयक में हिंसा में शामिल लोगों के लिए आजीवन कारावास का प्रावधान है, अगर हिंसा से किसी व्यक्ति की मृत्यु हो जाती है।
  • यहां के मुख्‍यमंत्री एन बीरेन सिंह हैं।
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9. पूर्व केंद्रीय मंत्री कैप्‍टन जयनारायण प्रसाद निषाद का निधन कब हुआ?
a. 24 दिसंबर 2018
b. 20 दिसंबर 2018
c. 21 दिसंबर 2018
d. 23 दिसंबर 2018

Answer: a. 24 दिसंबर 2018
- वह 88 वर्ष के थे। उनका जन्‍म 18 नवंबर 1930 को हुआ था।
- बिहार के हाजीपुर के रहने वाले निषाद पांच बार लोकसभा सदस्य चुने गए और 1996 से 1998 तक केंद्रीय राज्य मंत्री रहे।
- वह मुजफ्फरपुर से सांसद के अलावा राज्यसभा सांसद भी रहे।
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10. दिपाली बोर्थाकुर का निधन 77 साल की उम्र में 23 दिसंबर 2018 को हो गया, वह इनमें से क्‍या थीं?
a. असम की गायिका
b. असम की नर्तकी
c. असम की म्‍यूजीशियन
d. इनमें से कोई नहीं

Answer: a. असम की गायिका
उन्‍हें 1998 में पद्म श्री पुरस्‍कार मिल चुका है।
- उन्हें 'असोमिया लता मंगेशकर' के रूप में भी जाना जाता था।
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11. राष्‍ट्रीय उपभोक्‍ता दिवस कब मनाया जाता है?
a. 20 दिसंबर
b. 22 दिसंबर
c. 24 दिसंबर
d. 26 दिसंबर
Answer: c. 24 दिसंबर
  • 24 दिसम्बर, 1986 को उपभोक्ता सुरक्षा अधिनियम, 1986 को राष्ट्रपति ने मंज़ूरी दी थी।
  • इस अधिनियम में संयुक्त राष्ट्र चार्टर में बताए गए उपभोक्ता के 8 में से 6 अधिकारों को शामिल किया गया है। यह अधिकार हैं:-
  1. सुरक्षा का अधिकार
  2. सूचना का अधिकार
  3. चुनने का अधिकार
  4. सुनने का अधिकार
  5. शिकायत का अधिकार
  6. शिक्षा का अधिकार
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12. किसान दिवस कब मनाया जाता है?
a. 23 दिसंबर
b. 22 दिसंबर
c. 21 दिसंबर
d. 24 दिसंबर

Answer: a. 23 दिसंबर
  • यह दिवस पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की जयंती पर मनाया जाता है।
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13. नासा के 'कर्मशल क्रू प्रोग्राम 2019 चिल्ड्रन आर्ट वर्क कैलेंडर' में किस भारतीय बच्‍चे के चित्र को कवर पेज पर स्‍थान दिया गया है?
a. दीपशिखा
b. प्रीति पटेल
c. रिंकी तिवारी
d. इनमें से कोई नहीं
Answer: a. दीपशिखा
  • नासा के वार्षिक कैलेंडर पर इस बार भारतीय बच्चे छाए हुए हैं।
  • इस कैलेंडर में साल के 12 महीनों के लिए बच्चों के द्वारा तैयार आर्ट वर्क का प्रयोग किया है।
  • खास बात है कि कवर पेज पर भारतीय बच्ची के साथ तीन और बच्चों का आर्ट वर्क इस कैलेंडर पर है।
  • यूपी की 9 साल की दीपशिखा का चित्र कवर पेज के लिए चुना गया।
  • महाराष्ट्र के 10 साल के इंद्रयुद्ध और 8 साल के श्रीहन का बनाया आर्ट वर्क भी इस कैलेंडर में शामिल है।
  • बच्चों के बीच अंतरिक्ष विज्ञान को लेकर उत्सुकता जगाने के लिए इस आर्ट वर्क का आयोजन किया गया।
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14. अमेरिकी राष्‍ट्रपति डोनाल्‍ड ट्रंप ने जिम मैटिस के स्‍थान पर किसे कार्यवाहक रक्षा मंत्री नियुक्‍त करने का ऐलान किया है?
a. रॉडरिक प्रेंक
b. एडोब पॉल
c. पैट्रिक शानहन
d. इनमें से कोई नहीं

Answer: c. पैट्रिक शानहन
  • वह अभी उप रक्षा मंत्री हैं। एक जनवरी 2019 से कार्यवाहक रक्षा मंत्री का पद संभालेंगे।
  • इससे पहले मैटिस ने सीरिया से अमेरिकी सैनिकों की वापसी की वजह से अमेरिकी राष्ट्रपति के साथ नीतिगत मतभेदों के चलते हाल ही में रक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया है।
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15. भ्रष्‍टाचार के मामले में पाकिस्‍तान के पूर्व प्रधानमंत्री नवाज शरीफ को अल अजीजिया स्टील मिल भ्रष्‍टाचार मामले में 24 दिसंबर 2018 को कितने साल की सजा मिली?
a. 7 साल
b. 37 साल
c. 17 साल
d. 27 साल
Answer: a. 7 साल

यूँ ही नहीं कहलाता 'नोकिया 1100' एक आइकोनिक फोन

कभी एक वक्त हुआ करता था कि लोगों के हाथों में एक छोटा सा कलरफुल फोन दिखाई देता था| उस फोन में आज की तरह फीचर नहीं थे मगर, फिर भी वो एक कम्पलीट फोन लगता था| वो फोन और कोई नहीं नोकिया का सबसे आइकोनिक फोन 1100 था| वही फोन, जिसने भारत में आते ही हर किसी को अपना दीवाना बना दिया|
 
यह नोकिया का एक ऐसा फोन था, जो उसे बुलंदियों पर ले गया| आज कई सालों बाद भी लोग उसे भूल नहीं पाए हैं| तो चलिए जानते हैं कि आखिर क्यों नोकिया 1100 बना एक आइकोनिक फोन -


आम लोगों को सोचकर बनाया गया नोकिया 1100

यह बात है 2003 की| दुनिया भर में मोबाइल फोन एक जरूरत बनने लगे थे| हर किसी को एक मोबाइल फोन चाहिए था ताकि वह कहीं भी किसी से भी बात कर सकें|


हालांकि, उस समय की सबसे बड़ी दिक्कत थी मोबाइल फोन के महंगे दाम| हर कोई फोन नहीं अफ़्फोर्ड कर सकता था| मार्केट में ब्लैकबेरी के फोन थे, जो सिर्फ बिजनेस क्लास लोग ही खरीदते थे| वहीं दूसरी ओर नोकिया के शुरूआती फोन भी बहुत ज्यादा सस्ते नहीं थे|
 
साल 2000 में नोकिया ने अपना फेमस 3310 तो लांच किया था मगर, उसका दाम उस समय 12 हजार रुपए के करीब था| आम लोगों के लिए कोई फोन था ही नहीं जिसे वो आसानी से खरीद पाते| नोकिया ने इस बात को समझा| इसके बाद उन्होंने सोचा एक ऐसे फोन के बारे में, जो सस्ता, सुंदर और टिकाऊ हो| इसके बाद शुरुआत हुई नोकिया 1100 को बनाने की|
 
तीन साल बाद 2003 में नोकिया ने 1100 मॉडल बना ही डाला| इसका शुरूआती दाम करीब 5000 रुपए रखा गया| इसके बाद इसे 2003 में लांच किया गया और इंतजार हुआ इसकी सेल्स रिपोर्ट देखने का|


आकर्षक फीचर्स ने बनाया सबको दीवाना... 

अपने शुरूआती समय में नोकिया 1100 को वो प्रसिद्धी नहीं हासिल हुई जिसकी उससे उम्मीद थी| हाँ, मगर ये वक्त के साथ अपनी पहचान बनाता गया| इस में बाकी महंगे फोनों की तरह इंटरनेट और ईमेल की सुविधा नहीं थी| ये एक बिलकुल ही सिंपल फोन था| हालांकि, नोकिया 1100 की यही सिम्पलिसिटी उसकी असली ताकत बनाकर सामने आई|  

ये फोन एक फ़्लैश लाइट के साथ आया| इससे पहले किसी और फोन ने कभी फ़्लैश लाइट जैसा कोई फीचर फोन में नहीं दिया था| इस फीचर ने उन लोगों का ध्यान इस फोन की ओर खींचा, जिनके इलाके में बिजली मौजूद नहीं थी| इतना ही नहीं इस फोन की सबसे दिलकश चीज थी इसके कलरफुल शेड्स| यह करीब 36 तरह के अलग-अलग कलर शेड्स के साथ लांच हुआ था| देखने में ये कलर बहुत ही आकर्षक थे|
 
यह फोन को बहुत प्यारा सा बनाते थे| यही वह फोन था, जिसमें नोकिया की फेमस रिंगटोन भी मौजूद थी| इतना ही नहीं इसमें रिंगटोन कंपोजर भी मौजूद था| इसके जरिए लोग खुद अपनी रिंगटोन बना सकते थे और करीब 7 रिंगटोन को स्टोर भी कर सकते थे|



इसमें कम्युनिकेशन का भी ध्यान रखा गया था| नोकिया 1100 करीब 50 टेक्स्ट मेसेज स्टोर कर सकता था| इस में एंटरटेनमेंट का भी खास ख्याल रखा गया था| नोकिया ने इस फोन के साथ 'स्नेक' नाम की एक गेम दी थी, जिसके पीछे युवा पीढ़ी एक पल को पागल हो गई थी| हर किसी को इसमें हाईस्कोर बनाना था|
 
इसकी सबसे बढ़िया बात थी कि इसकी बैटरी एक दिन से तो अधिक चल ही जाती थी| इससे सबसे ज्यादा ग्रामीण लोगों को ही मदद मिलनी थी| नोकिया 1100 के इन फीचर्स ने हर किसी को अपना दीवाना बना दिया था|


इससे ज्यादा आज तक कोई और फोन नहीं बेचा गया!

नोकिया 1100 के फीचर्स से जैसे ही लोग परिचित हुए उन्होंने इसे खरीदना शुरू कर दिया| शुरुआत में जिस फोन की बिक्री बहुत धीमी थी, अब वो बिजली की रफ़्तार से बिक रहा था| लोग इतनी तेजी से नोकिया 1100 को खरीद रहे थे कि कंपनी को भी अपनी प्रोडक्शन बढ़ानी पड़ी| सिर्फ विदेशों में ही नहीं भारत में भी लोगों ने इसे खुले दिल से खरीदा| यह फोन इनती तेजी से खरीदा जा रहा था कि हर गुजरते वक्त के साथ यह एक नया रिकॉर्ड बनाता जा रहा था|
 
2003 से ये फोन बेचा जाना शुरू हुआ था और 2007 में इसका आखिरी सेट बेचा गया| उस समय कंपनी ने अपने 1100 मॉडल की सेल्स रिपोर्ट लोगों के सामने पेश की| इसे रिपोर्ट को देखने के बाद हर किसी के होश उड़ गए| कंपनी ने बताया कि उन्होंने अब तक 250 मिलियन नोकिया 1100 सेट बेच दिए हैं! इसके साथ ही ये दुनिया का सबसे ज्यादा बेचा जाने वाला फोन और इलेक्ट्रॉनिक प्रोडक्ट बन गया| ये आंकड़ा बताता है कि आखिर क्यों ये आइकोनिक फोन बना|


भारत था नोकिया 1100 का प्राइम टारगेट... 

कंपनी जानती थी कि नोकिया 1100 में जो फीचर्स वह दे रहे हैं, वह सिर्फ डेवलपिंग कंट्री में ही चलेंगे| भारत में उस समय लोग डिजिटल होना शुरू हो गए थे| इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स की मांग बढ़ गई थी| इसके अलावा भारत में ग्रामीण लोग बहुत ज्यादा संख्या में थे, जिनके लिए ये फोन सबसे बढ़िया था| इसलिए नोकिया ने भारत को अपना प्राइम टारगेट माना हुआ था| उनका ये प्लान काफी अच्छा भी रहा| भारत में लोगों ने इसे बहुत बड़ी मात्रा में खरीदा| एक बड़ी संख्या में लोगों ने नोकिया 1100 को खरीदा और इसे एक नंबर वन फोन बना दिया|

भारत में लोगों के पास ये फोन बहुत ही आराम से दिख जाता था| कॉलेज के युवा हो या फिर ऑफिस जाने वाले| हर किसी के हाथ में एक नोकिया 1100 होता था| अलग-अलग रंग| अलग-अलग रिंगटोन| हर कोई इस फोन को अपने हिसाब से चलाता था| आज भले ही वक्त स्मार्टफोन का आ गया हो मगर, अब भी लोग इस आइकोनिक फोन को याद करते हैं|

नोकिया 1100 का सफर बहुत ही शानदार रहा है| आज भी यह फोन अगर कहीं दिख जाता है, तो पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं| यूँ तो इसके बाद कई बड़ी कंपनियों के फोन आए मगर, इसके जैसा कोई और न हुआ|

ताइपेइ ओपन, 2018

प्रश्न-हाल ही में संपन्न महिला टेनिस प्रतियोगिता ताइपेइ ओपन, 2018 के महिला एकल का खिताब किसने जीता?
(a) सबाइन लिसिकी
(b) सबीना शारीपोवा
(c) लुकसिका कुमखुम
(d) अंकिता रैना

उत्तर-(c)
संबंधित तथ्य

  • डब्ल्यूटीए 125K सीरीज की महिला टेनिस प्रतियोगिता ताइपेइ ओपन, 2018 ताई पेई सिटी, ताइवान में संपन्न। (12-18 नवंबर, 2018)
  • प्रायोजक-ओईसी समूह
  • प्रतियोगिता परिणाम
  • महिला एकल
  • विजेता-लुकसिका कुमखुम (थाईलैंड)
  • उपविजेता-सबाइन लिसिकी (जर्मनी)
    महिला युगल
  • विजेता-अंकिता रैना और करमन थांडी (दोनों भारत)
  • उपविजेता-ओल्गा डोरोशिना और नतेला जालामिडीज (दोनों रूस)

इंडियन प्रीमियर लीग (IPL): नीलामी, 2019

प्रश्न-दिसंबर, 2018 को जयपुर में संपन्न इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सत्र, 2019 की खिलाड़ियों की नीलामी में 8.4 करोड़ रुपये में बिके स्पिनर वरुण चक्रवर्ती किस राज्य की टीम से खेलते हैं?
(a) महाराष्ट्र
(b) पं. बंगाल
(c) कर्नाटक
(d) तमिलनाडु
उत्तर-(d)





संबंधित तथ्य

  • इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) सत्र, 2019हेतु खिलाड़ियों की नीलामी 18 दिसंबर, 2018 को जयपुर में संपन्न हुई।
  • 8 फ्रेंचाइजी टीमों के लिए 1003 खिलाड़ियों ने पंजीकरण कराया था इनमें से 351 खिलाड़ियों को अंतिम सूची में स्थान मिला जिसमें 228 खिलाड़ी भारतीय थे।
  • IPL की इस नीलामी में जयदेव उनादकट और वरुण चक्रवर्ती सबसे महंगे खिलाड़ी बने।
  • राजस्थान रॉयल्स ने उनादकट को इस बार रिटेन नहीं किया लेकिन नीलमी में 8.40 करोड़ रुपये की बोली लगाकर टीम में शामिल कर लिया।
  • पिछली बार रॉयल्स ने उन्हें 11.5 करोड़ रुपये में खरीदा था।
  • 20 लाख रुपये बेस प्राइस वाले तमिलनाडु के स्पिनर वरुण चक्रवर्ती को किंग्स इलेवन पंजाब ने 8.40 करोड़ रुपये में खरीदा।
  • विदेशी खिलाड़ियों में बिकने वाले सबसे महंगे खिलाड़ी इंग्लैंड के आलराउंडर सैम कुरैन रहे। उन्हें किंग्स इलेवन पंजाब ने 7.2 करोड़ रुपये में खरीदा।
  • दूसरे नंबर पर द. अफ्रीका के कॉलिन इंग्राम रहे, उन्हें दिल्ली कैपिटल्स ने 6.4 करोड़ रुपये में खरीदा।
  • युवराज सिंह को उनके बेस प्राइस 1 करोड़ रुपये में मुंबई इंडियंस ने खरीदा।
  • भारतीयों में चेतेश्वर पुजारा, सौरभ तिवारी, ऋषि धवन, परवेज रसूल को किसी ने नहीं खरीदा।
  • न्यूजीलैंड के ब्रैडन मैकुलम, क्रिस वोक्स, जेम्स नीशाम और कोरी एंडरसन, ऑस्ट्रेलिया के शॉन मार्श, द. अफ्रीका के हाशिम अमला, श्रीलंका के एंजेलो मैथ्युज, वेस्टइंडीज के जेसन होल्डर न बिकने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे।
  • 17 वर्षीय खिलाड़ी रसिक सलाम डार को मुंबई इंडियंस ने 20 लाख रुपये आधार मूल्य (Base Price) में खरीदा।
  • वह परवेज रसूल और मंजूर डार के बाद IPL टीम से जुड़ने वाले तीसरे कश्मीरी क्रिकेटर हैं।

परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में भारत ने स्थापित किया कीर्तिमान

प्रश्न-हाल ही किस भारतीय ने स्वदेश निर्मित परमाणु ऊर्जा इकाई ने 941दिन तक बिना रुके और लगातार काम करते रहने का कीर्तिमान स्थापित किया है?
(a) कैगा (Unit-1)
(b) काकरापार
(c) कुडनकुलम
(d) कलपक्कम
उत्तर-(a)
संबंधित तथ्य 

  • 10 दिसंबर, 2018 को कर्नाटक स्थित कैगा-1 परमाणु ऊर्जा इकाई ने 941 दिन तक बिना रुके और लगातार काम करते रहने का कीर्तिमान स्थापित किया है।
  • गौरतलब है, कि इस तरह का रिकॉर्ड इससे पहले U K के हेशम-2 में इकाई-8 ने स्थापित किया था, जिसने लगातार 940 दिन तक काम किया था।
  • वर्ष 2000 से कार्यरत कैगा परमाणु ऊर्जा संयंत्र, कर्नाटक के उत्तर कन्नड़ जिले के कैगा नामक स्थान पर काली नदी के किनारे स्थित है। इसका संचालन भारतीय नाभिकीय विद्युत निगम लिमिटेड के द्वारा किया जाता है।
  • उल्लेखनीय है, कि भारत के नाभिकीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का श्रेय डॉ. होमी जहांगीर भाभा को दिया जाता है।
  • वर्तमान में भारत के गुजरात, कर्नाटक, महाराष्ट्र, राजस्थान, तमिलनाडु और उत्तर प्रदेश में परमाणु बिजली केंद्र हैं। ये केंद्र, भारत सरकार के अधीन हैं।
  • वर्तमान में परमाणु विद्युत ऊर्जा की कुल स्थापित क्षमता 6780 मेगावॉट है।
  • ध्यातव्य है, कि वर्ष 1983 में गठित परमाणु ऊर्जा विनियामक बोर्ड (एईआरबी) भारत में परमाणु ऊर्जा के लिए नियामक संस्था है।

Tuesday, December 18, 2018

वायुमंडल क्‍या है?

पृथ्‍वी के चारों ओर से हजारों किलोमीटर की ऊंंचाई तक कई सारी गैसों की परत घेरे रहती है यहीं गैसाें की परत पृथ्‍वी का वायुमण्‍डल (Atmosphere) कहलाती है पृथ्‍वी के वायुमण्‍डल में जो गैसे रहती है उसमें ऑक्‍सीजन, नाइट्रोजन, कार्बन डाइऑक्‍साइड मुख्‍यरूप से पायी जाती है आईये जानते हैं पृथ्‍वी के वायुमंडल के बारे में महत्‍वपूर्ण जानकारी-

 वायुमंडल का महत्व (Importance of Atmosphere)

पृथ्‍वी के वायुमंडल में वायु की पतली परत पृथ्‍वी का महत्‍वपूर्ण एवं अटूट भाग है। वायुमंडल हमें ऐसी वायु प्रदान करती है जिससे हम लोग साँस लेते हैं, साथ ही यह सूर्य की हानिकारक किरणों से बचाती है। पृथ्‍वी का वायुमंडल 10000 किमी. की ऊँचाई तक फैला है, परन्‍तु वायुमंडल का 99 प्रतिशत भाग सिर्फ 32 किमी. तक सीमित है। वायुमंडल किसे कहते है यह तो आप जान ही चुके हैं अब जानते हैं वायुमंडल की संरचना के बारे में - 

वायुमंडल की संरचना (structure of atmosphere)

वायुमंडल को तापमान तथा अन्‍य घटकों के आधार पर पांच परतों में बांटा गया है -
  1. क्षोभमण्‍डल (Troposphere)
  2. समतापमंडल (Stratosphere)
  3. मध्‍यमंडल (Mesosphere)
  4. आयनमंडल (Ionosphere)
  5. बाहृामंडल (Exosphere)

क्षोभमण्‍डल (Troposphere) 

क्षोभमंडल को वायु मंडल की सबसे महत्‍वपूर्ण परत कहा जाता है। इसकी ऊँचाई ध्रुवों पर 8 किमी. तथा विषुवत रेखा पर लगभग 18 किमी. होती है। मनुष्‍य इसी मण्‍डल के द्वारा सांस लेता है और पृथ्‍वी पर होने वाली अधिकांश घटनाएं जैसे वर्षा, कुहरा एवं ओलावर्षण आदि इसी परत के अंदर होती है। क्षोभमंडल में प्रति 165 मीटर की ऊँचाई पर 10C पर ताप घटता है तथा प्रत्‍येक किमी. की ऊँचाई पर तापमान में औसतन 6.50C की कमी आती है। इसे ही सामान्‍य ताप पतन दर कहते हैं।

समतापमंडल (Stratosphere) 

क्षोभमंडल के ऊपर का भाग समतापमंडल कहलाता है। इसकी ऊँचाई 18 से 32 किमी. तक होती है। समतापमंडल एक ऐसी परत है जो बादलों एवं मौसम संबंधी घटनाओं से लगभग मुक्‍त है। समतापमंडल में जहाज उड़ाने को अधिक महत्‍वपूर्ण माना जाता है। इस मंडल में ओजोन की परत पाई जाती है। इन परतों का मुख्‍य कार्य सूर्य से निकलने वाली हानिकारक पराबैंगनी किरणों को अवशोषित करके हमारी रक्षा करना है।

मध्‍यमंडल (Mesosphere)

यह समताप मण्‍डल के ठीक ऊपर 60 किमी. की ऊँचाई तक फैली होती है। जब उल्‍का पिंड अंतरिक्ष में प्रवेश करते है तो इस परत पर वह जल जाते हैं।

आयनमंडल (Ionosphere)

आयनमंडल 60 से 640 किमी. तक फैला हुआ है। इन परतों का प्रयोग रेडियों संचार के लिए होता है। पृथ्‍वी से प्रसारित रेडियों तरगें इस परत द्वारा पुन: पृथ्‍वी पर परावर्तित कर दी जाती हैं, जिसके फलस्‍वरूप रेडियो, टेलीविजन, टेलीफोन, रडार एवं संचार उपग्रह आदि की सुविधा प्राप्‍त होती है। आयन मंडल एवं बाहृामंडल को किसी यंत्र से अलग नहीं किया जा सकता अत: कुछ विद्धान औरोरा आस्‍ट्रालिस तथा औरोरा बोरियालिस को बाहृामंडल की घटना बताते हैं, परंतु यह आयनमंडल की घटना है।
औरोरा का शाब्दिक अर्थ प्रात: काल जबकि बोरियालिस का उत्‍तरी तथा आस्‍ट्रोलिस का दक्षिणी होता हैं। जिन्‍हें उत्‍तरी ध्रुवीय प्रकाश तथा दक्षिणी ध्रुवीय प्रकाश कहा जाता है।

बाहृामंडल (Exosphere)

वायुमंडल की सबसे ऊपरी परत यानि 640 किमी. से ऊपर को बाहृामंडल कहा जाता है। यह वायु की पतली परत होती है। हीलियम और हाइड्रोजन यहीं से अंतरिक्ष में तैरती रहती हैं। 
वायुमंडल की संरचना आक्‍सीजन और नाइट्रोजन की बनी होती है यह साफ तथा शुष्‍क हवा का 99 प्रतिशत है। नाइट्रोजन 78 प्रतिशत ऑक्‍सीजन 21 प्रतिशत तथा दूसरी गैसें, कार्बन डाइआक्‍साइड, आर्गन इत्‍यादि की मात्रा 1 प्रतिशत भाग है। कार्बन डाइआक्‍साइड बहुत ही कम मात्रा में पाया जाता है, लेकिन यह पृथ्‍वी के द्वारा छोड़ी गई ऊष्‍मा को अवशोषित करती हैं, जिससे पृथ्‍वी का वातावरण गर्म रहे। 
पौधों की वृद्धि के लिए भी यह आवश्‍यक है। ऊँचाई के साथ-साथ वायुमंडल के घनत्‍व में भी भिन्‍नता आती है। जितनी तेजी के साथ हम ऊपर जाते है उतनी ही तेजी के साथ यह घट जाता है। ऊपर जाने पर केवल वायु दाब ही नहीं घटता अपितु: तापमान में बदलाव भी आता है। वायुमण्‍डल में जलवाष्‍प की मात्रा 0 से 4 प्रतिशत तक पायी जाती है। भूतल से 5 किमी. तक वायुमंडल में समस्‍त वाष्‍प का 90 प्रतिशत भाग पाया जाता है। कुछ स्‍थानों पर हम यह दबाव कम महसूस करते हैं तथा कुछ पर ज्‍यादा।

वायुमंडल में पाई जाने वाली कुछ महत्वपूर्ण गैस

वायुमंडल की ऊपरी परत के अध्ययन को वायुविज्ञान (Aerology) और निचली परत के अध्ययन को ऋतु विज्ञान (Meteorology) कहते हैं वायुमंडल में 48 किमी के अंदर विभिन्न गैसों का मिश्रण होता है जो इस प्रकार हैं - 
  1. नाइट्रोजन (Nitrogen) - 78.09% - रासायनिक सूत्र - N2 
  2. ऑक्‍सीजन (Oxygen) - 20.9 % - रासायनिक सूत्र - O2 
  3. आर्गन (Argon) - 0.93 % - रासायनिक सूत्र - Ar 
  4. कार्बन डाइऑक्साइड (Carbon dioxide) - 0.03 % - रासायनिक सूत्र - CO2 
  5. नियोन (Neon) - 0.0018 % - रासायनिक सूत्र - Ne
  6. हाइड्रोजन (Hydrogen) - 0.001 % - रासायनिक सूत्र - H2
  7. हीलियम (Helium) - 0.000524 % - रासायनिक सूत्र - He 
  8. क्रिप्‍टन (Krypton) - 0.0001 % - रासायनिक सूत्र - Kr 
  9. ज़ेनॉन (Xenon) - 0.000008 % - रासायनिक सूत्र - Xe 
  10. ओजोन (Ozone) - 0.000001 % - रासायनिक सूत्र- O3

आईएमएफ़ की प्रमुख अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ

अंतर्राष्टींय मुद्राकोष (आईएमएफ) ने भारत में जन्मीं अर्थशास्त्री गीता गोपीनाथ को मुख्य अर्थशास्त्री नियुक्त किया है। गोपीनाथ मारीस ओब्स्टफील्ड का स्थान लेंगी। ओब्स्टफील्ड 2018 के अंत में सेवानिवृत्त होंगे। गीता गोपीनाथ फिलहाल हॉर्वर्ड विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। गोपीनाथ ने दिल्ली विश्वविद्यालय से बीए और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनामिक्स तथा यूनिवर्सिटी आफ वाशिंगटन से एमए की डिग्री हासिल की। उसके बाद उन्होंने अर्थशास्त्र में पीएचडी की डिग्री प्रिंसटन विश्वविद्यालय से 2001 में प्राप्त की। गीता दुनिया के उत्कृष्ट अर्थशास्त्रीयों में से एक हैं, वह निर्विवाद अकादमिक प्रमाण-पत्र, बौद्धिक नेतृत्व में स्थापित टैंक रिकॉर्ड, और व्यापक अंतर्राष्टींय अनुभव रखती हैं। दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से बीए की पढ़ाई करने वाली सुश्री गोपीनाथ प्रिंसटन विश्वविद्यालय सेअर्थशास्त्र में पीएचडी धारक हैं। वह इससे पहले नेशनल ब्यूरो ऑफ इकोनॉमिक रिसर्च में इंटरनेशनल फाइनेंस एंड मैक्रोइकोनॉमिक्स प्रोग्राम के सह-निदेशक के रूप में काम कर चुकी हैं।      

चर्चित व्यक्ति - दिसम्बर 2018

***   भारत के 46 वें मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) न्यायमूर्ति रंजनगोगोई, भारत के किस राज्य से हैं?              -          असम

***  स्किल इंडिया अभियान का राजदूत किसे बनाया गया है?          
             -            वरुण धवन और अनुष्का शर्मा

***  स्वतंत्रता के बाद, भारत की पहली महिला आईएएस अधिकारी का नाम क्या है जिनका हाल ही में  निधन हो गया?          
      -      अन्ना राजम मल्होत्रा

***  परमाणु ऊर्जा आयोग एईसी के नये अध्यक्ष कौन हैं?        
      -        कमलेश निलकांत व्यास

***  सूडान के नए प्रधान मंत्री कौन हैं?        
      -       मोटाज मौसा अब्दुल्लाह

***  पाकिस्तान में उच्च न्यायालय की पहली महिला मुख्य न्यायाधीश किसे नियुक्त किया गया है?               
      -       ताहिरा सफद

***  यूनाइटेड किंगडम (यूके) में भारत का नया उच्चायुक्त किसे नियुक्त किया गया है?      
      -        रुची घनश्याम

***  प्रसिद्ध पत्रकार कुलदीप नायर जिनका हाल ही में निधन हो गया की आत्मकथा का नाम क्या है?  
          -                  बियॉन्ड द लाइन्स

***  उरी एवनेरी, जिनका हाल ही में निधन हो गया, किस देश से प्रसिद्ध पत्रकार थे?             
         -                  इजराइल

***  किस खिलाड़ी को बीएसएनएल का नया ब्रांड एंबेसडर नियुक्त किया गया है?   
        -                   मैरी कॉम

***  पाकिस्तान का नया राष्टंपति किसे नियुक्त किया गया है?      
       -               आरिफ अलवी

Friday, December 14, 2018

जानिए कुछ चाँद के बारें में....

क्या आप जानते है की शनि ग्रह के पपस ६२, बृहस्पति के पास 67 और मंगल के पास दो चंद्रमा है| सुनने में आपको अजीब लगता होगा की पृथ्वी के पास केवल एक ही चंद्रमा है| पर नई शोध से पता चलता है की पृथ्वी के पास भी कई चन्द्रमा थे, लेकिन दुर्घटना के कारण हमारे पास वर्तमान में एक ही चंद्रमा है| 


अब तक चाँद पर सिर्फ 12  मनुष्य गये है| पिछले 41  साल से कोई आदमी चाँद पर नहीं गया है| इसका वजन करीब 81 अर्ब टन है|

अगर चाँद गायब हो जाये तो धरती पर दिन सिर्फ 6 का रह जाएगा| आधे चाँद से पूरा चाँद 9 गुना ज्यादा चमकदार होता है|

अगर आपका वजन 60  kg है, तो आपका चाँद पर वजन low gravity के कारण 10  kg हो जाएगा|

क्या आपको पता है की चाँद हर साल धरती से 4 c.m. दूर खिसक रहा है| अब से 50 अरब साल बाद चाँद धरती का इक चक्कर 47  दिनों में पूरा करेगा, जो अब 27. 3 दिन में कर रहा है; पर ऐसा होगा नहीं क्युकि अब से 5  अरब साल बाद सूर्य के साथ धरती खत्म हो जाएगी|

नील आर्मस्ट्रोंग ने चाँद पर जो कदम रखा है वह निशान कुछ लाखों सालो तक ऐसा रहेगा क्योंकि चाँद पर हवा नहीं है, जो इसे मिटा दे|

क्या आपको पता है की अमेरिका ने 1950  के दशक में चाँद को परमाणु बम से उड़ाने की योजना बनाई थी|

अगर धरती पर चंद्र ग्रहण होगा तो चाँद पर सूर्य ग्रहण होगा|

अमेरिकी सरकार ने चाँद पर आदमी भेजने और ओसामा बिन लादेन को ढूंढने में बराबर टाइम और पैसा खर्च किया था| इसका टाइम 10  साल और 100  करोड़ डोलर है|