Tuesday, December 25, 2018

शेर का किला : सिंहगढ़ एक प्राचीन किला

महाराष्ट्र का पुणे भारत के सबसे विकसित शहरों में गिना जाता है, जो भारत की एक बड़ा युवा आबादी का प्रतिनिधित्व करता है। यहां कई बहुराष्ट्रीय कंपनियों की शाखाएं है, जो रोजगार के बड़े अवसर पैदा करती हैं। पुणे अपने शैक्षणिक संस्थानों के लिए भी जाना जाता है। पिछले कुछ वर्षों में यहां युवाओं की आबादी काफी बढ़ी है। पर्यटन की दृष्टि से भी यह शहर काफी ज्यादा महत्व रखता है, जहां आप प्राचीन संरचनाओं से लेकर प्राकृतिक स्थलों की खूबसूरती का आनंद ले सकते हैं। पुणे ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक रूप से एक परिपूर्ण जिला है।


हर साल यहां भारी संख्या में पर्यटकों को आगमन होता है। पुणे के आसपास कई प्राचीन किले मौजूद हैं, जो न सिर्फ अपने अतीत के लिए जाने जाते हैं बल्कि एडवेंचर गतिविधियों के लिए भी काफी लोकप्रिय हैं। आज इस लेख में हम आपको पुणे जिले के अंतर्गत सिंहगढ़ किले के बारे में बताने जा रहे हैं, जानिए यह किला आपकी यात्रा को किस प्रकार खास बना सकता है।

पुणे मुख्य शहर से 37 कि.मी की दूरी पर स्थित सिंहगढ़ एक प्राचीन किला है, जो अपनी खास भौगोलिक स्थित और अपने इतिहास के लिए जाना जाता है। अतीत पर प्रकाश डालें तो पता चलता है कि इस किले का निर्माण 2000 साल पहले किया गया था, हालांकि इसके निर्माण संबधी सटीक जानकारी उपलब्ध नही है। प्राचीन काल में यह स्थल कोंधन के नाम से जाना जाता था, जहां इतिहास की कई बड़ी लड़ाइयां लड़ी गई हैं, जिनमें 1670 का सिंहगढ़ युद्ध काफी ज्यादा महत्वपूर्ण रहा। यह किला समुद्र तल से 1,312 मीटर की ऊंचाई पर स्थित है। किले के नाम का शाब्दिक अर्थ 'शेर का किला' है। यह अपने समय का बनाया गया एक मजबूत किला है, जिसकी मजबूत दीवारे आज भी सुरक्षित हैं। यहां मौजूद दो प्रवेश द्वार हैं एक कल्याण दरवाजा और दूसरा पुणे दरवाजा। इस किले का निर्माण रणनीतिक तौर पर किया गया था। इस किले पर 1328 ईस्वी में मोहम्मद बिन तुगलक ने कब्जा कर लिया था। इस किले पर काफी लंबे समय तक मराठाओं का शासन रहा। यह किला इतिहास की कई महत्वपूर्ण घटनाओं का साक्षी है। मराठा और मुगलों का एक बड़ा इतिहास इस प्राचीन किले से होकर गुजरता है। अतीत के बेहतर समझ के लिए आप यहां आ सकते हैं।