Saturday, June 1, 2019

CID और CBI में क्या अंतर होता है?

CID और CBI सामान्य तौर पर दो अलग अलग जांच एजेंसियां हैं और इनके जाँच का क्षेत्र भी अलग-अलग होता है| CID जहाँ एक प्रदेश के अन्दर घटित होने वाली घटनाओं की जाँच करती है और यह राज्य सरकार के आदेश पर काम करती है वहीँ CBI पूरे देश में होने वाली विभिन्न घटनाओं की जाँच का काम संभालती है और इसको आदेश देने का अधिकार केंद्र सरकार, उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के पास होता है| 

CID और CBI सामान्य तौर पर दो अलग-अलग जांच एजेंसियां हैं और इनके जाँच का क्षेत्र भी अलग-अलग होता है| CID जहाँ एक प्रदेश के अन्दर घटित होने वाली घटनाओं की जाँच करती है और यह राज्य सरकार के आदेश पर काम करती है जबकि CBI पूरे देश में होने वाली विभिन्न घटनाओं की जाँच का काम संभालती है और इसको आदेश देने का अधिकार केंद्र सरकार, उच्च न्यायालय और सुप्रीम कोर्ट के पास होता है| इतना जानने के बाद अब यह जानना जरूरी हो जाता है कि आखिर CID और CBI में क्या अंतर होता है| 



CID का फुल फॉर्म Crime Investigation Department है जो कि एक प्रदेश में अपराध जांच विभाग के रूप में जानी जाती है| CID एक प्रदेश में पुलिस का जांच और खुफिया विभाग होता है| इस विभाग को हत्या, दंगा, अपहरण, चोरी इत्यादि की जाँच के काम सौंपे जाते हैं| CID की स्थापना, पुलिस आयोग की सिफारिश पर ब्रिटिश सरकार ने 1902 में की थी| पुलिस कर्मचारियों को इसमें शामिल करने से पहले विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है| इस संस्था को जाँच का जिम्मा सम्बंधित राज्य सरकार और कभी कभी उस राज्य के उच्च न्यायलय द्वारा सौंपा जाता है| 

केंद्रीय जांच ब्यूरो या CBI, भारत में केंद्र सरकार की एक एजेंसी है, जो राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर होने वाले अपराधों जैसे हत्या, घोटालों और भ्रष्टाचार के मामलों और राष्ट्रीय हितों से संबंधित अपराधों की भारत सरकार की तरफ से जाँच करती है| CBI एजेंसी की स्थापना की सिफारिस भ्रष्टाचार की रोकथाम के लिए गठित “संथानम समिति” की सिफारिस के आधार पर 1963 में गृह मंत्रालय के अंतर्गत की गयी थी लेकिन बाद में इसे कार्मिक मंत्रलाय के अंतर्गत स्थानांतरित कर दिया गया था| इसका मुख्यालय नई दिल्ली में है| 

दिल्ली विशेष पुलिस प्रतिष्ठान अधिनियम, 1946 ने CBI को जांच की शक्तियां दी हैं| भारत सरकार राज्य सरकार की सहमति से राज्य में मामलों की जांच करने का आदेश CBI को देती है| हालांकि, सर्वोच्च न्यायालय और उच्च न्यायालय राज्य सरकार की सहमति के बिना देश के किसी भी राज्य में अपराधिक मामले की जांच के लिए CBI को आदेश दे सकते हैं|

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