Friday, September 27, 2019

सूमो पहलवान इतने विशालकाय क्यों होते हैं?


सूमो कुश्ती जापान की सबसे पुरानी युद्ध कलाओं में से एक है। इसकी जड़ें शिंतो धर्म में मिलती हैं। अच्छी फ़सल के लिए देवताओं के आगे सूमो कुश्तियाँ कराई जाती थीं। ये परंपरा कोई डेढ़ हज़ार साल पुरानी है। सूमो कुश्ती शुरु होने से पहले कई अनुष्ठान किए जाते हैं और फिर दोनों पहलवान उस घेरे में प्रवेश करते हैं जिसे दोयो कहा जाता है। सारा खेल प्रतिपक्षी को घेरे के बाहर फेंकने या उसे धराशायी करने का है। और इसमें सत्तर तरह के दांव-पेंच इस्तेमाल किए जाते हैं।

सूमो पहलवानों का वज़न भी बड़ा काम आता है। आमतौर पर पहलवानों का वज़न 250 पाउंड से 500 पाउंड के बीच होता है, क्यों, इसका कारण शायद ये है कि भारी भरकम काया ताक़त की प्रतीक है।

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